दिल मे जज्बा और हौसला मजबूत हो तो शारीरिक विकलांगता हो या मानसिक ज्यादा देर आपके पास ठहर नहीं सकती। ऐसे ही एक शख्स है राजू यादव जो राजधानी लखनऊ के तकवा गांव में रहते हैं। वह पूरी तरह से विकलांग है। इसके बावजूद उन्हें किसी के सहारे की जरूरत नहीं बल्कि इन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी कर अपने आपको इस काबिल बनाया कि उन्हें नौकरी मिल सके।
पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद उन्होंने नौकरी के लिए भी अप्लाई किया, हालांकि अभी तक उन्हें नौकरी में कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद भी उनके हौंसले बुलंद हैं। राजू हाथ पैर से विकलांग है। वह अपने हाथ से खाना नहीं खा सकते, पानी नहीं पी सकते। स्कूल में एडमिशन हुआ तो राजू ने अपने पैर से लिखने की कोशिश की। यह देखकर सबने उनकी हौंसला अफजाई की।
पिता किसान है और मां गृहणी। किसी ने राजू को विकलांग होने का ताना नहीं दिया बल्कि सबने उनका हौंसला बढ़ाया और राजू ने 65% से इंटर मीडिएट किया। राजू लैपटॉप पर भी काम करते हैं, उन्होंने विकलांग कोटे में नौकरी के लिए आवेदन किया लेकिन नतीजा सिफर निकला, अब राजू राजनीति में जाना चाहते हैं और जनता की सेवा करना चाहते हैं।