लखनऊ। सराफा बाजार में बुधवार से हॉलमार्किंग व्यवस्था लागू हो गई, पर सालाना 40 लाख रुपये से कम टर्नओवर वाले कारोबारियों को नई व्यवस्था के तहत भारतीय मानक ब्यूरो में पंजीयन नहीं कराना पड़ेगा। साथ ही पुराने सोने के गहने के स्टॉक पर 31 अगस्त तक हॉलमार्किंग कराने की छूट से कारोबारी खुश हैं।
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय संयोजक पंकज अरोड़ा और राष्ट्रीय सचिव राजीव रस्तोगी ने बुधवार को बताया कि कैबिनेट मंत्री पीयूष गोयल से बातचीत के बाद बहुत समस्याओं का निराकरण हो गया है। जिन कारोबारियों का सालाना टर्नओवर 40 लाख से अधिक है, उनको ही हॉलमार्किंग के तहत पंजीयन कराने की जरूरत है। यहीं नहीं, जिन जिलों में अभी हॉलमार्किंग सेंटर नहीं हैं, वहां पर इस व्यवस्था को अभी लागू नहीं किया गया है। यानी सभी कारोबारियों को पूरी छूट दी गई है। उधर, लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि राजधानी में कुल 382 कारोबारियों ने हॉलमार्किंग के लिए पंजीयन कराए, जिसमें 100 से अधिक उनके संगठन के सदस्य हैं।
पंजीकरण के लिए फीस नहीं
लखनऊ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष रवींद्र नाथ रस्तोगी एवं महामंत्री प्रदीप कुमार अग्र्र्रवाल ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने वार्ता में आश्वस्त किया कि भारतीय मानक ब्यूरो में पंजीयन के लिए फीस नहीं देनी पड़ेगी। यह अलग बात कि ये फीस सिर्फ 2000 रुपये थी। मगर कुंदन एवं पोलकी के गहनों को हॉलमार्किंग से मुक्त किए जाने से कारोबारियों को बहुत राहत मिली। नेताद्वय ने कहा कि कुंदन एवं पोलकी के गहनों की हॉलमार्किंग होना भी संभव नहीं था।
ग्राहकों से गुलजार रहे शोरूम
महानगर के अजय कुमार अग्रवाल, बंगलाबाजार के मनीष कुमार वर्मा बन्नू भैया, आलमबाग के रामकुमार वर्मा, चौक के आदीश कुमार जैन ने बताया कि हॉलमार्किंग व्यवस्था लागू होने के पहलेे दिन सराफा शोरूम खरीदारों से गुलजार रहे। सहालग के चलते सोने, चांदी एवं डायमंड के गहनों की खूब बिक्री हुई। कारोबारियों ने बताया कि बाजार खुलने के बाद बुधवार को पहली बार गहनों के खरीदार उमड़े।