सूबे से लगातार तीसरे साल हज सेवकों को नहीं भेजा जाएगा। ऐसे में हज यात्रियों को हज के मुकद्दस सफर के दौरान खुद अपना खयाल रखना होगा।
गौरतलब है कि हज 2012 से यूपी से हज सेवकों का 50 सदस्यीय दल हज पर नहीं भेजा जा रहा है।
हज कमेटी ऑफ इंडिया की शर्त है कि वह सरकारी कर्मचारियों को ही हज सेवक के रूप में जाने का मौका देगी।
वहीं राज्य हज कमेटी की मांग है कि हज सेवक दल में मदरसों के शिक्षक व मस्जिदों के इमाम को मौका दिया जाए।
राज्य हज कमेटी के सचिव सुल्तान अहमद का कहना है कि हज आवेदकों को शुरू में ही ताकीद की जा रही है।
इस बार भी हज सेवकों के भेजे जाने की कोई संभावना नहीं है। इसलिए वे इसी हिसाब से हज यात्रा की तैयारी करें।
बुजुर्ग हाजी साथ ले जाएं सहयोगी।
राज्य हज कमेटी ने साफ हिदायत दी है कि 70 वर्ष से ऊपर के हज यात्री अकेले आवेदन न करें। वे अपने सहयोगी का भी आवेदन करें।
सहयोगी ऐसा होना चाहिए जिसने अब तक हज नहीं किया हो। वहीं हज-ए-बदल को लेकर भी ऐसे ही हज आवेदक को मंजूरी दी जाएगी जिसने पूर्व में हज नहीं किया होगा।