मौलाना खालिद रशीद ने हज यात्रियों को सहूलियत देने की उठाई मांग
ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने सरकार से हज यात्रियों को सहूलियत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि हज यात्रियों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की शर्त को खत्म किया जाए। साथ ही हज समेत अन्य धार्मिक सफर को भी जीएसटी और हर प्रकार के टैक्स से मुक्त रखा जाए।
ऐशबाग ईदगाह स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया फरंगी महल में आयोजित बैठक में मौलाना ने हज की अहमियत पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि यह शानदार इबादत 9 हिजरी में फर्ज हुई हज इस्लाम का पांचवां स्तंभ है। यह इबादत खुदा पाक के उन खुशनसीब मालदार बंदों पर फर्ज होती है जो उसके पवित्र घर यानी खाना काबा तक पहुंच सकते हों। उन्होंने कहा कि महामारी के इस दौर में सऊदी सरकार और हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज 2021 के सिलसिले में जो हिदायत दी हैं, उनकी पूरी पाबंदी की जाए। मौलाना ने सरकार से मांग की कि हाजियों को हर संभव सहूलियतें पहुंचाई जाएं।
हज का सफर सस्ता करने के अवसर तलाश किए जाएं। हाजियों के लिए आईटी रिटर्न भरने की शर्त खत्म की जाए क्योंकि बड़ी संख्या में गांव-देहातों के नागरिकों हज पर जाते हैं, उनके लिए इस शर्त को पूरा करना असंभव होता है। बैठक मेें मौलाना नईमुर्रहमान सिद्दीक़ी, मौलाना मो. मुश्ताक़, मौलाना मुहम्मद सुफयान निजामी, मौलाना अब्दुल लतीफ, मौलाना मुफ्ती अतीकुर्रहमान, मौलाना मो. हारून निजामी, क़ारी मो. तनवीर आलम, मौलाना अब्दुर्रब, कारी कमरुद्दीन और मौलाना मो. अजहर मौजूद रहे।