भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के पाकिस्तान में खुलेआम घूमने पर सफाई दी। उन्होंने कहा- हाफिज सईद को बेल मिली है, वह बरी नहीं हुआ है। इसलिए कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा रखें।
कोर्ट का जो भी फैसला होगा, पाकिस्तान सरकार उस पर अमल करेगी। मुंबई हमले के आरोपियों को सजा दिलाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
अब्दुल बासित सोमवार शाम को प्रेस क्लब में मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर वह भारत के जज्बात को समझते हैं। आतंकवाद पाकिस्तान की भी चिंता है।
दहशतगर्दी से पिछले 35 सालों में जितना नुकसान पाकिस्तान ने उठाया है, उतना दुनिया में किसी ने नहीं उठाया। कोई भी आतंकवाद और बेगुनाहों की मौत को जायज नहीं ठहरा सकता। मुंबई हमले के आठ-नौ आरोपियों पर पाक में केस चल रहा है।
कानून की अपनी प्रक्रिया होती है, उसे चलने दीजिए।
अदालती मामले अदालत में निपटें। भारत ने जो सुबूत दिए हैं, उसके आधार पर अभियोजन पक्ष आरोपियों को सजा दिलाने की कोशिश कर रहा है।
क्रिकेट सीरीज से दूर होंगी गलतफहमियां
पाक उच्चायुक्त ने कहा कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट सीरीज से फौरन किसी फायदे की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। लेकिन धीरे-धीरे करीब आते हैं तो गलतफहमियां दूर होती हैं।
मुमकिन है कि दोनों मुल्कों के बीच क्रिकेट से आज-कल कोई लाभ न हो, लेकिन इसका दीर्घकालीन फायदा होगा। दोनों देशों की अवाम खिलाड़ियों को खेलते हुए देखना चाहती है। इससे अच्छा माहौल बनेगा, हेल्दी कंपटीशन होगा।
घुसपैठ से इन्कार, एलओसी पर क्यों दूसरा मोर्चा खोलेगा
कश्मीर में घुसपैठ के सवाल पर बासित ने कहा कि यह आपका नजरिया हो सकता है जरूरी नहीं कि मैं इससे इत्तेफाक रखूं।
उन्होंने कहा, कश्मीर दहशतगर्दी का मसला नहीं है। यह विवाद 1947-48 से चला आ रहा है। जो मसला है, उसे उसी नजरिये से देखा जाना चाहिए। यह मुद्दा 1948, 1949, 1950 से 1957 तक लगातार उठता रहा है।
कश्मीर में आतंकी घटनाओं पर उन्होंने कहा कि पाक पश्चिमी सीमा पर दहशतगर्दी के खिलाफ खुद निर्णायक जंग लड़ रहा है। इसमें सेना लगी हुई है। पूरी कोशिश की जा रही है कि पाक को आतंकवाद से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाए। ऐसे में क्या जरूरत है कि एलओसी पर भी मोर्चा खोल दें?
कश्मीर में चुनाव जनमत संग्रह का विकल्प नहीं
बासित ने कहा कि कश्मीर समस्या का समाधान ऐसा निकलना चाहिए जो कश्मीर के अवाम को मंजूर हो। कश्मीर में हाल के विधानसभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि चुनाव जनमत संग्रह का विकल्प नहीं है।