लखनऊ। सेहत को लेकर फिक्रमंद लोगों के लिए सोमवार की सुबह कुछ खास थी। खास इसलिए कि दो महीने के बाद जिम अनलॉक हुई थी। बेसब्री से जिम खुलने के इंतजार में बैठे लोग सुबह से लेकर शाम तक की शिफ्ट में पहुंचे और उत्साह के साथ वर्कआउट किया। जिम ट्रेनर और संचालकों ने भी कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए शिफ्ट बढ़ा दी, जहां खुली जगह है वहीं दो गज की दूरी का पालन करते हुए लोगों ने वर्कआउट किया। लंबे इंतजार के बाद जिम पहुंचे लोगों ने पहले दिन क्या-क्या किया और कैसा महसूस किया, आइये जानते हैं...।
गोखले मार्ग स्थित फिटनेस सेंटर में शाम की शिफ्ट में वर्कआउट के लिए पहुंची दीपिका भट्ट कहती हैं कि घर में उपकरण तो होते नहीं। रनिंग, योगा कर लिया करते थे, लेकिन जिम में एक अलग माहौल होता है। आपका सारा ध्यान एक्सरसाइज पर होता है। गीतिका खत्री कहती हैं कि लॉकडाउन में मजबूरी थी घर में रहना और एक्सरसाइज करना। पर जिस अनुशासन के साथ जिम में वर्कआउट करते हैं, उतना घर में नहीं हो पाता है। सभी से अपील है कि प्रोटोकॉल का पालन कीजिए ताकि सारी चीजें खुली रहें, बंद होने की नौबत न आए।
मेट्रो सिटी स्थिति जिम में पहुंचे देवर्षि गुप्ता आईटी प्रोफेशनल हैं। कहते हैं कि वर्क फ्राम होम चल रहा है, ऐसे में वर्कआउट बहुत जरूरी है। जिम खुला रहने का फायदा ये है कि कुछ देर हम नियम से अपनी फिटनेस के लिए दे पाते हैं।
गोमतीनगर स्थित द कोर जिम के राम ने बताया कि पहले दिन जिस तरह से लोग पहुंचे, उनका उत्साह देखते ही बन रहा था। आम दिनों में घरों में रहकर लोग थोड़ा आलसी हुए हैं, लेकिन जिम खुलने पर उनका उत्साह बता रहा था कि कहीं कोई आलस नहीं, सब मानो इसी इंतजार में बैठे हों। ट्रेनर सुजीत झा कहते हैं कि मेट्रो सिटी स्थित हमारी जिम के हॉल की क्षमता 20 लोगों की है। कोविड प्रोटोकॉल के मद्देनजर हमने 5-5 लोगों की शिफ्ट में बांट दिया है। एक बार में पांच लोग ही हॉल में मौजूद रहेंगे। जिम संचालक फराज जावेद अलवी कहते हैं कि संख्या लोगों की कम है और वैसे भी हमने जगह के हिसाब से स्लॉट बढ़ा दिए हैं। हमारे हॉल की क्षमता 15 लोगों की है। हमने संख्या आधी कर दी है। जब लोगों की संख्या बढ़ेगी तो स्लाट और बढ़ा देंगे ताकि एक बार में पांच लोगों की मौजूदगी से सामाजिक दूरी बनी रहे।
ये भी व्यवस्थाएं
कोविड नियमों का पालन किया जाए तो संक्रमण को रोका जा सकता है। संचालकों का कहना है कि हम प्रोटोकॉल फॉलो कर रहे हैं। मास्क के बिना किसी को प्रवेश नहीं है। उपकरण दूर-दूर रख दिए हैं। एक क्लाइंट के बाद पूरे उपकरण को सैनिटाइज किया जाएगा। सभी से अपने-अपने टॉवल, पानी की बोतल लाने को कहा गया है।
पहले दिन शहर के स्टेडियमों में पसरा रहा सन्नाटा
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रकोप कम होने के बाद सोमवार से शहर के सभी स्टेडियम खुल गए। पहले दिन अधिकतर में सन्नाटा पसरा रहा और गिनती की संख्या में खिलाड़ियों ने अपनी आमद दर्ज कराई। हालांकि स्टेडियमों में उगी घास ने खिलाड़ियों को खासा निराश किया। आनन फानन में घास की कटाई का काम तो शुरू हो गया है, लेकिन इसे पूरा करने में कम से कम एक सप्ताह का समय लग जाएगा। इस स्थिति में खिलाड़ियों ने थोड़ी देर साथियों के साथ रनिंग और फिटनेस एक्सरसाइज करके सभी ने अपने घरों का रुख कर लिया। संख्या की बात करे तो केडी सिंह बाबू और चौक स्टेडियम में सुबह और शाम के सत्र में कुल मिलाकर 50 से 60 खिलाड़ी ट्रेनिंग करने पहुंचे, जबकि विजयंत और विनय खंड में तकरीबन दस-दस खिलाड़ियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। स्टेडियम प्रबंधन की माने तो घास कटाई और प्रशिक्षकों की नियुक्ति के बाद यह खिलाड़ियों की संख्या में इजाफा हो जाएगा।