मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्यमियों से कहा है कि वे उनके निवेश की सुरक्षा की गारंटी देते हैं। जो उद्यमी तीन वर्ष से प्रदेश में काम कर रहे हैं, वे पहले की स्थिति से तुलना कर सकते हैं। वर्तमान स्थिति में अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए जो भी सहयोग जरूरी होगा, प्रदेश सरकार करेगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को फिक्की द्वारा आयोजित वेबिनार में उद्यमियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों के सामने प्रदेश की तरक्की की तस्वीर पेश की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह सत्ता में आए थे, तब प्रदेश को लेकर गलत धारणा थी। उद्योग जगत ने उसे दूर करने में सहयोग किया है।
इन्वेस्टर्स समिट के बाद दो ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी व डिफेंस एक्सपो का आयोजन किया गया। प्रदेश में निवेश फ्रेंडली माहौल बनाने का काम हो रहा है। प्रदेश और केंद्र सरकार साथ मिलकर काम कर रही है। इससे परिणाम कई गुना बेहतर हो जाता है। प्रदेश सरकार ने पीएम मोदी के निर्देशों का अक्षरश: पालन किया है। निवेश की सुरक्षा के साथ-साथ अनावश्यक दखलअंदाजी न हो, इसका ध्यान रखा।
उद्योगों को सराहा
सेक्टोरियल पॉलिसी के माध्यम से यूपी सरकार ने आगे बढ़ने का काम किया है। श्रम सुधारों की जरूरत बताई गई तो सबसे पहले किया। जेवर में 25 साल से एयरपोर्ट लंबित था लेकिन निर्णय लिया। अयोध्या में भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कार्यवाही तेजी से चल रही है। प्रदेश के शहरों में एयर कनेक्टिविटी के लिए एचएएल के साथ एमओयू किया है। यूपी को नेपाल और अन्य राज्यों से जोड़ने वाले 54 मार्गों को 4 लेन करने की कार्यवाही चल रही है। वर्ष के अंत में गंगा एक्सप्रेस-वे का भी काम शुरू कर देंगे।
कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री मंत्री सतीश महाना व एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के अलावा फिक्की की ओर से संगीता रेड्डी, उदय शंकर, जेके मोदी, रूद्र चटर्जी, शरद जयपुरिया, ज्योत्सना सूरी, राकेश शाह, उमाशंकर भरतिया, विपुल राय जैसे उद्यमी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट काल में यूपी में चुनौतियां ज्यादा थीं, लेकिन समाज के सभी तबकों के साथ उद्योग जगत ने भरपूर सहयोग किया। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों को वेतन देने में 180 करोड़ रुपये खर्च करने पर उद्योग जगत की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीपीई किट व सैनिटाइजर का निर्माण प्रदेश में हो रहा है। 35 लाख 92 हजार 000 प्रवासी कामगार व श्रमिक लौटे हैं। उनके परीक्षण में उपयोग हो रहे पल्स ऑक्सीमीटर अ अल्फारेड थर्मामीटर यूपी में ही बन रहे हैं। यह प्रदेश के उद्यमियों के पुरुषार्थ, परिश्रम और जज्बे का प्रमाण है।