जीएसटी कार्यशाला में सीएम योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक जुलाई से लागू होने वाला माल एवं सेवाकर (जीएसटी) आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार है। इसे नई आर्थिक क्रांति कहना गलत नहीं होगा। आज देश ‘वन नेशन, वन मार्केट, वन टैक्स’ की ओर आगे बढ़ रहा है। वे शनिवार को विधानभवन स्थित तिलक हॉल में जीएसटी कार्यशाला में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में राज्य सरकार वस्तुओं और सेवाओं पर 8 अलग-अलग तरह के कर लगाती है। केंद्र सरकार भी विभिन्न कर और सेस लगाती है। इससे उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ती है। करदाता को भी विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
जीएसटी लागू होने के बाद ऐसा नहीं होगा। जीएसटी को लेकर फैले भ्रम पर उन्होंने कहा कि इसे दूर करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी जिलों का दौरा करके उपभोक्ताओं, व्यापारियों, वकीलों और चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ बैठकें करें। समस्याओं का तार्किक समाधान जीएसटी काउंसिल करेगी।