सरकार ने सेवाक्षेत्र (सर्विस सेक्टर) के उन व्यापारियों को भी कर केदायरे में लाने की तैयारी की जा रही है, जो अब तक कर केदायरे में नहीं थे। चूंकि जीएसटी में सर्विस सेक्टर के अनके नये कारोबार को भी शामिल कर लिया गया है, इसलिए वाणिज्यकर विभाग ने ऐसे कई सर्विस सेक्टर के 2 लाख नये व्यापारियों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य अगले तीन महीने में पूरा करना है। इसी प्रकार प्रदेश का टैक्स बढ़ाने के लिए अन्य श्रेणी के व्यापारियों कापंजीयन बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर रणनीति बनाई तैयार की जा रही है। पंजीकृत व्यापारियों की संख्या बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का फैसला किया गया है।
इस संबंध में वाणिज्यकर मुख्यालय की ओर से सभी जोन के एडीशनल कमिश्नरों, जांइट कमिश्नर (कार्यपालक) व (कार्पोरेट), डिप्टी व असिस्टेंट कमिश्नर और वाणिज्यकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश भेजा गया है। जिसमें कहा गया है कि जीएसटी काउंसिल द्वारा हाल में जीएसटी के दायरे में शामिल किए गए सर्विस सेक्टर से जुड़े नये व्यापारियों के अलावा अन्य सेक्टर के भी नये व्यापारियों का पंजीकरण कराने के लिए अभियान चलाया जाए। इस अभियान में सभी जाइंट, डिप्टी व असिस्टेंट कमिश्नरों के अलावा वाणिज्यकर अधिकारियों के लिए लक्ष्य तय करने को कहा गया है।
दरअसल इस संबंध में मुख्यमंत्री का भी कहना है कि यूपी एक उपभोक्ता राज्य हैं और देश का बड़ा राज्य होने के नाते यहां व्यापारियों की संख्या भी काफी अधिक है। इसलिए प्रदेश सरकार के खजाने राजस्व तभी बढ़ेगा, जब टैक्स बेस बढ़ाया जा सकेगा। इसकेमद्देनजर राज्यकर विभाग ने व्यापारियों का पंजीकरण बढ़ाने को लेकर काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही व्यापारियों के पंजीयन, वेरिफिकेशन, निरस्तीकरण, संशोधन और खारिज कराने का भी काम किया जाएगा।
अभियान केदौरान कर निर्धारण विंग के लिए रिटर्न दाखिल करने वाले और न करने वाले व्यापारियों की सतत निगरानी करने के भी निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने रिटर्न स्क्रूटनी, रिफंड क्लेम व स्क्रूटनी, प्रवर्तन संबंधी सूचना, हाई वैल्यू ई-वे बिल जारी करने संबंधी कार्यवाही को प्राथमिकता पर करने के निर्देश दिए हैं।