लखनऊ। कंपनी का जीएसटी रिफंड लौटाने के बदले में दो लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर धनेंद्र कुमार पांडेय की जमानत अर्जी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव ने खारिज कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी को मौके पर स्वतंत्र गवाहों के सामने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। मामले की विवेचना चल रही है। ऐसे में इस तथ्य से इंकार नहीं किया जा सकता है कि जमानत मिलने पर आरोपी को विवेचना को प्रभावित कर सकता है। लिहाजा जमानत नहीं दी जा सकती।
कोर्ट में सरकारी वकील महेश कुमार त्रिपाठी और कमल अवस्थी ने डिप्टी कमिश्नर की जमानत अर्जी का विरोध किया। बताया कि आरोपी धनेंद्र कुमार पांडेय ने कंपनी आर्डेम डाटा सर्विसेज प्रा. लि. का 19.47 लाख का जीएसटी रिफंड लौटाने के लिए दो लाख की रिश्वत मांग रहा था। कंपनी ने इसकी शिकायत 5 मार्च को विजिलेंस के एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी से की थी। विजिलेंस टीम ने मीराबाई मार्ग स्थित वाणिज्य कर कार्यालय से आरोपी को घूस लेते गिरफ्तार किया था।