लखनऊ। पेपर मिल काॅलोनी में दो महिलाओं की जिस कार से कुचलकर मौत हुई वह शराब कारोबारी की पत्नी के नाम पर है। इसलिए पुलिस अब उनकी पत्नी (आरोपी किशोर की मां) पर एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी।
पेपर मिल काॅलोनी में मंगलवार सुबह करीब पांच बजे सहरी के बाद शबनम (53) अपनी भाभी सईदा बानो (65) के साथ घर के बाहर खड़ी थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने विपरीत दिशा में आकर दोनों को टक्कर मार दी थी। दोनों कार में फंसकर करीब बीस मीटर तक घिसटी थीं। पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा में केस दर्ज कर किशोर को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया था, वहां से वह बाल सुधार गृह भेजा गया था। आरोपी नाबालिग है। इसलिए पुलिस ने अब केस में एमवी एक्ट की धारा 199-ए को बढ़ाएगी।
एडीसीपी सेंट्रल मनीषा सिंह ने बताया कि केस में धारा बढ़ाने के साथ वाहन स्वामी को आरोपी बनाया जाएगा। केस में धारा व आरोपी का नाम बढ़ाने के लिए नोटिस देकर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
पुलिस पर खड़े हुए थे सवाल
हादसे के बाद पुलिस ने सिर्फ गैर इरादतन हत्या की धारा में केस दर्ज किया था। इस पर सवाल खड़े करते हुए खबर प्रकाशित की गई कि आखिर जब आरोपी नाबालिग है तो उसमें उसके अभिभावक पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।इसको उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लेकर महानगर पुलिस को केस में धारा बढ़ाकर आरोपी का नाम बढ़ाने का निर्देश दिया है।
25 हजार तक का जुर्माना, तीन साल की सजा का प्रावधान
अधिवक्ता आकाश कुमार दीवान मुताबिक, एमवी एक्ट की धारा 199-ए के तहत अगर दोष सिद्ध होता है तो उसमें 25 हजार का जुर्माना व तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन एक साल तक के लिए रद्द किया जा सकता है। किशोर का ड्राइविंग लाइसेंस भी 25 वर्ष की उम्र के बाद ही बन सकेगा।
एफआईआर का परीक्षण करेगा परिवहन विभाग
एआरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार पंकज ने बताया कि निशातगंज कार हादसे मामले में जो एफआईआर दर्ज की गई है। उसका परीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जल्द ही रिपोर्ट बनाकर सौंपेंगे।