दो व चार पहिया वाहन चालकों के लिए राहतभरी खबर है। पंद्रह साल पुराने वाहनों के पुनः पंजीकरण पर दो प्रतिशत ग्रीन टैक्स लेने के लिए परिवहन विभाग से प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे शासन ने खारिज कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि अगले वर्ष चुनाव होने की वजह से ऐसा निर्णय लिया गया है।
दरअसल, अभी तक वाहन मालिकों से ग्रीन टैक्स के नाम पर दस प्रतिशत टैक्स वसूला जा रहा है। ऐसे में विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के पास होने पर बाइक चालकों को 600 रुपये व कार मालिकों पर दो हजार रुपये तक का लोड बढ़ जाता। परिवहन विभाग की ओर से वाहनों के पुनः पंजीकरण के दौरान लगने वाले ग्रीन टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के इस प्रस्ताव को हाल ही में खारिज किया गया है। हालांकि, इससे विभाग का राजस्व प्रभावित होगा, पर वाहन चालकों को खासी राहत हो जाएगी।
अफसरों का कहना है कि ग्रीन टैक्स के इस प्रस्ताव को स्थायी तौर पर खारिज किया गया है या फिलहाल स्थगित किया गया है, इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता। बता दें कि एक अप्रैल, 2022 से पंद्रह साल पुराने वाहनों के पुनः पंजीकरण की फीस बढ़ी थी। ऐसे में अब दो प्रतिशत ग्रीन टैक्स बढ़ाने की योजना थी। अफसरों के मुताबिक पचास हजार रुपये तक की बाइक पर 880 रुपये ग्रीन टैक्स, एक लाख की बाइक पर 1760 रुपये व डेढ़ लाख की बाइक पर 2660 रुपये ग्रीन टैक्स लेने की योजना प्रस्ताव में थी।
ऐसे ही कार मालिकों के लिए पांच लाख की कार लेने पर 4800 ग्रीन टैक्स, दस लाख की कार पर 9600 व पंद्रह लाख की कार पर 14400 रुपये ग्रीन टैक्स देना पड़ता, जिससे राहत मिल गई है। बता दें कि 31 जुलाई तक 15 साल पूरे करने वाले लखनऊ में वाहनों की संख्या छह लाख हो चुकी है।
प्रस्ताव किया गया नामंजूर
पंद्रह साल पुराने वाहनों के पुनः पंजीकरण पर दो प्रतिशत ग्रीन टैक्स लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे नामंजूर कर दिया गया है। इसे आगे लागू किया जाएगा या नहीं, इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है।
-चंद्रभूषण सिंह, परिवहन आयुक्त