लखनऊ। गोमती किनारे ग्रीन कॉरिडोर का काम एलडीए अक्तूबर में शुरू कराएगा। इसके लिए वीसी अभिषेक प्रकाश ने संबंधित विभागों के अलावा सलाहकार कंपनी टाटा कंसल्टिंग इंजीनियरों के अधिकारियों के लिए डेडलाइन तय करते हुए काम तेज करने को कहा है। वीसी का कहना है कि कॉरिडोर बनने के बाद हरदोई रोड से गोमतीनगर, किसान पथ तक पहुंचने का समय 15 मिनट रह जाएगा। अभी यह दूरी तय करने में एक घंटा लगता है।
एलडीए में सोमवार को टाटा कंसल्टिंग इंजीनियरों ने ग्रीन कॉरिडोर पर काम करने को लेकर प्रजेंटेशन दिया। साथ ही अर्जित की जाने वाली जमीनों के रिकॉर्ड के अलावा नदी और भूगर्भ जल का डाटा मांगा। वीसी ने कहा कि सलाहकार कंपनी तीन दिन में लखनऊ में ऑफिस शुरू करे। वहीं, सभी विभागों से तीन दिन में जरूरी डाटा कंपनी को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। ऐसा होने के बाद कंपनी डेढ़ महीने में फिजिबिलिटी रिपोर्ट और तीन माह में डीपीआर तैयार कर देगी। इसके बाद एलडीए अक्तूबर में कॉरिडोर के पहले फेज आईआईएम से शहीद पथ का काम शुरू करा देगा। निर्माण तेजी से पूरे करने के लिए एलडीए सचिव को पूरे प्रोजेक्ट के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं, प्रशासनिक सहयोग हेतु एडीएम प्रशासन और जमीनों के अधिग्रहण के लिए एडीएम भू-अर्जन को नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रजेंटेशन में सचिव पवन गंगवार, ग्रीन कॉरिडोर की पीआईयू के तकनीकी सदस्य व पूर्व मुख्य अभियंता सिंचाई अनिल कुमार सिंह सेंगर, मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह, अधिशासी अभियंता अजय पंवार के अलावा जिला प्रशासन, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग के अधिकारी थे।
शहर को पूरब से पश्चिम जोड़ेगा कॉरिडोर
वीसी ने बताया कि यह कॉरिडोर शहर को पूरब से पश्चिम के बीच जोड़ेगा। 27 किमी लंबा कॉरिडोर हरदोई रोड, सीतापुर रोड, पुराना लखनऊ, खदरा, परिवर्तन चौक, पेपर मिल कॉलोनी होते हुए गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार को जोड़ेगा। इससे शहर में आवागमन सुगम हो जाएगा।
दो डीपीआर बनाने का आदेश
वीसी ने सलाहकार से कहा है कि आईआईएम से शहीद पथ के बीच पहले काम होना है, ऐसे में यहां की डीपीआर प्राथमिकता पर बने। वहीं, शहीद पथ से किसान पथ के बीच दूसरे फेज के लिए डीपीआर अलग बने। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक हरदोई रोड से किसान पथ को दो फेज में जोड़ा जाना है।