डीजीपी ने अपने हाथों से बांटी राहत सामग्री
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सड़क पर निकले मुसाफिरों को बड़ी राहत, घर तक पहुंचाने की हुई व्यवस्था -गाजियाबाद में और बढ़ी भीड़, अब भी हजारों लोगों को बस का इंतजार -लखनऊ में डीजीपी ने खुद बांटी राहत सामग्री, लोगों को घरों तक पहुंचाने के लिए उठाए कदम अमर उजाला ब्यूरो लखनऊ। दिल्ली से यूपी व बिहार के जिलों के लिए निकले मजदूरों को शनिवार को तड़के बड़ी राहत मिली जब प्रदेश सरकार ने उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की। जिसके बाद बड़ी संख्या में घरों के लिए पैदल निकल पड़े लोगों को बड़ी राहत मिली। \tशुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग गाजियाबाद और नोएडा के रास्ते यूपी में दाखिल हो गए थे। सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया था। जिसे लेकर पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों ने शासन स्तर पर बसों की व्यवस्था करने की मांग रखी थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात अधिकारियों के साथ बैठक की और तय किया गया कि यूपी की सरहद में दाखिल हो गए लोगों को उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा। निर्णय के बाद आधी रात को बसों के ड्राइवर और कंडक्टरों को जगा कर बुलाया गया और लगभग एक हजार बसों को मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इस दौरान उन्हें भोजन भी उपलब्ध कराया गया। बसों की व्यवस्था हुई तो पैदल निकल चुके लोगों के चेहरे का तनाव कुछ कम हुआ। \tउधर, बड़ी संख्या में निकले लोग लखनऊ पहुंच चुके थे। इसकी जानकारी जब डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी को हुई तो वह खुद चारबाग बस स्टैंड पहुंचे और लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के इंतजाम करने की ढांढस बंधाई और राहत सामग्री उपलब्ध कराई। इस दौरान कई लोगों को अवस्थी ने खुद बिस्कुट का पैकेट और पानी की बोतल दी। \tडीजीपी ने बताया कि पूरे प्रदेश से भरी संख्या में लोग पैदल चल कर लखनऊ पहुचे हैं, जो खतरनाक है। इन सबको इनके जिलों को भेजा जा रहा है। बच्चे, महिलाएं व पुरुष सब को खाने पीने का सामान उपलब्ध कराया गया है। सभी को इनके जिलों तक सुरक्षित भेजने की जिम्मेदारी हमारी है। जिलों में इनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। जो यात्री स्वस्थ होगा उसे निगरानी में घरों को भेजा जाएगा ओर जिसमें कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं उन्हें जिलों में बने वार्डों में कॉरेंटाइन किया जाएगा। उन्होंने फंसे हुए यात्रियों से अपली की कि जो जहां है, वहीं रहे सभी को मदद मुहैया कराई जा रही है। जिलाधिकारी के ट्वीट से भी पैदा हुआ कंफ्यूजन उधर, शनिवार को पूरे दिन गाजियाबाद के जिलाधिकारी का एक ट्वीट चर्चा का विषय रहा जिसमें उन्होंने दावा किया था कि 'लालकुआं से बसें जा रही हैं। भोजन सहित सभी तरह की व्यवस्था की गई है।Ó जिलाधिकारी के ट्वीट के बाद स्थिति और बेकाबू हो गई और देर रात तक गाजियाबाद में बड़ी संख्या में लोग आ गए। बाद में जिलाधिकारी गाजियाबाद की ओर से किया गया ट्वीट डिलीट कर दिया गया। --------- केजरीवाल सरकार पर भी लगे आरोप उधर, दावा यह भी किया जा रहा है कि केजरीवाल सरकार ने इन मजदूरों की दिल्ली में कोई व्यवस्था कराने के बजाए वहां के लोगों ने अफवाह फैलाकर मजदूरों को यूपी बार्डर तक आने को मजबूर कर दिया। मजदूरों के हवाले से यह भी कहा गया है कि दिल्ली सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई। उल्टा बिजली पानी तक भी मुहैया नहीं कराया गया।
यासिर