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39 महीने में बन जाएगा भव्य राम मंदिर, 42 दिन तक चलेगा निधि समर्पण अभियान : चंपत राय

Fri, 15 Jan 2021 06:20 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
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चंपत राय
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लालगंज (रायबरेली) में श्री रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने कहा कि 39 महीने में अयोध्या में प्रस्तावित भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। मंदिर निर्माण के पहले के सभी तकनीकी परीक्षण पूरे हो गए हैं। नींव के निर्माण का ड्राइंग बनाने में जुटे इंजीनियर इसे एक सप्ताह में पूरा कर लेंगे। मकर संक्रांति दान का पर्व होता है। इसीलिए इस दिन से हमने भगवान का घर बनाने के लिए श्री रामजन्म भूमि समर्पण निधि जमा करने के अभियान का शुभारंभ किया है। यह अभियान 42 दिन तक चलेगा।

 

अभियान मकर संक्रांति से शुरू होकर माघ पूर्णिमा तक चलेगा। वे शुक्रवार को रायबरेली जिले के तेजगांव में पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने बताया कि आरएसएस और उसके विचारों को मानने वाले लोग जनता जनार्दन के बीच में भगवान के घर के निर्माण के लिए लोगों की समर्पित निधि का संग्रह करेंगे। हमारी कोशिश है कि लेह से लद्दाख और कश्मीर से कन्याकुमारी तक पांच लाख गांवों में जाकर 12 करोड़ परिवारों से सहयोग प्राप्त करें। प्रत्येक परिवार में यदि पांच लोग भोजन करते हैं तो हम देश के 60 करोड़ हिंदुओं से सहयोग प्राप्त करके भगवान के घर का निर्माण करेंगे।

 

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि निधि संग्रह के काम में लगे प्रत्येक कार्यकर्ता को प्राप्त धन 48 घंटे के भीतर बैंक में जमा करना होगा। इसके लिए तीन बैंकों का चयन किया गया है। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक आफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक। प्रत्येक जिले से जमा निधि का विधिवत सीए से ऑडिट कराकर मुहर लगवाई जाएगी। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन के इतिहास पर भी प्रकाश डाला। 

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मंदिर की नींव मजबूत करने के लिए निकाली जाएगी पचास फीट गहराई की मिट्टी

श्री रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने कहा कि मंदिर की नींव का ड्राइंग बना रहे देश के सुयोग्य इंजीनियर इसे एक सप्ताह में सौंप देंगे। टाटा, लार्सन एंड टुब्रो, आईआईटी दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, सीबीआरआई रुड़की, एनजीआरआई आदि संस्थाओं के योग्यतम इंजीनियर इस काम में लगे हैं। जहां मंदिर निर्माण होना है। वहां की 70 फीट गहराई की मिट्टी पोली और भुरभुरी है। वहां पर पचास फीट गहराई तक की मिट्टी निकालकर उसे एक हजार वर्ष आयु वाले चार लाख टन घन फिट वजन के पत्थरों का भार सहने लायक मजबूत बनाया जाएगा। यह दुनिया में इंजीनियरिंग की अभूतपूर्व संरचना होगी।

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