फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला प्रशासन की अनूठी पहल, बिटिया पैदा होने पर गांव भर में मनेगा जश्न और प्रधान बांटेंगे मिठाई

Thu, 22 Aug 2019 05:54 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
girl child
विज्ञापन

गांव या घर में बेटी पैदा होने पर हम खुशी तो मनाते हैं, लेकिन अब लखनऊ के किसी गांव में बेटी पैदा हुई जश्न में पूरा गांव शामिल होगा। गांव के प्रधान खुद मिठाई बांटेंगे। पूरा गांव प्यार दुलार लुटाने के लिए बधाइयां देगा। गाना भी गाया जाएगा। इसके साथ ही गांव की पंचायत की तरफ से बिटिया को जन्म देने वाली मां का भी सार्वजनिक तौर पर सम्मान किया जाएगा।

विज्ञापन


यह पहल जिला प्रशासन ने शुरू की है। स्त्री व पुरुष के घटते लिंगानुपात को बढ़ाकर बराबरी पर लाने के लिए जिले के आठों ब्लॉक क्षेत्र के किसी भी ग्राम पंचायत के परिवार में बिटिया पैदा होने पर खुशी मनाई जाएगी। राजधानी के मुख्य विकास अधिकारी मनीष बंसल ने शासन स्तर पर संचालित सुमंगला योजना के तहत प्रस्तावित कार्ययोजना के क्रियान्वयन का जिम्मा उठाया है।

इस जागरूकता कार्यक्रम का संचालन पंचायती राज विभाग व जिला प्रोबेशन अधिकारी के स्तर पर होगा। परिवारों को भी बेटा-बेटी एक समान का संदेश देते हुए जागरूक किया जाएगा।

विज्ञापन

मंगल गीत गाते पहुंचेंगे बिटिया के दरवाजे

प्रतीकात्मक तस्वीर
बिटिया के जन्म लेने पर ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव गांव के अन्य लोगों को साथ लेकर उस घर के दरवाजे पर मंगल गीत गाते पहुंचेंगे। इसके बाद बिटिया के जन्म पर जश्न मनाते हुए ग्राम प्रधान की तरफ से गांववालों को मिठाई बांटने के साथ ही पंचायत की तरफ से बिटिया को जन्म देने वाली मां का सम्मान कर सभी को बेटा-बेटी एक समान का संदेश दिया जाएगा।

सीडीओ मनीष बंसल ने बताया कि समाज से बेटा-बेटी का भेंद खत्म कराने को योजना के तहत बिटिया के जन्म पर ग्राम पंचायत कोष से न केवल परिवार को उपहार भेंट किए जाएंगे वरन सुमंगला योजना के तहत उसके बेहतर लालन पालन व शिक्षित करने की व्यवस्था भी करायी जाएगी।
विज्ञापन

हर ग्राम पंचायत में चिह्नित हाेंगे 12 परिवार

प्रतीकात्मक तस्वरी
सीडीओ ने बताया कि कार्ययोजना के शुरुआती दौर में हर ग्राम पंचायत में पहले साल में ऐसे 12 परिवारों को सम्मानित किया जाएगा, जिनके घर बिटिया का जन्म होगा। ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधान व सचिव की यह जिम्मेदारी भी होगी कि बिटिया के पैदा होने पर जश्न मनाने के बाद पहले पांच साल तक बिटिया का जन्मदिन मनाया जाए।

साल के अंत में इस कार्ययोजना के दौरान जिस ग्राम पंचायत में बालिका अनुपात बढ़ा मिलेगा उस ग्राम पंचायत को सम्मानित भी किया जाएगा। इस दौरान ग्राम प्रधान व सचिव के स्तर पर बाल विवाह की रोकथाम को लेकर नियमित तौर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराए जाने की व्यवस्था भी होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें