बिटिया के जन्म लेने पर ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव गांव के अन्य लोगों को साथ लेकर उस घर के दरवाजे पर मंगल गीत गाते पहुंचेंगे। इसके बाद बिटिया के जन्म पर जश्न मनाते हुए ग्राम प्रधान की तरफ से गांववालों को मिठाई बांटने के साथ ही पंचायत की तरफ से बिटिया को जन्म देने वाली मां का सम्मान कर सभी को बेटा-बेटी एक समान का संदेश दिया जाएगा।
सीडीओ मनीष बंसल ने बताया कि समाज से बेटा-बेटी का भेंद खत्म कराने को योजना के तहत बिटिया के जन्म पर ग्राम पंचायत कोष से न केवल परिवार को उपहार भेंट किए जाएंगे वरन सुमंगला योजना के तहत उसके बेहतर लालन पालन व शिक्षित करने की व्यवस्था भी करायी जाएगी।
सीडीओ ने बताया कि कार्ययोजना के शुरुआती दौर में हर ग्राम पंचायत में पहले साल में ऐसे 12 परिवारों को सम्मानित किया जाएगा, जिनके घर बिटिया का जन्म होगा। ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधान व सचिव की यह जिम्मेदारी भी होगी कि बिटिया के पैदा होने पर जश्न मनाने के बाद पहले पांच साल तक बिटिया का जन्मदिन मनाया जाए।
साल के अंत में इस कार्ययोजना के दौरान जिस ग्राम पंचायत में बालिका अनुपात बढ़ा मिलेगा उस ग्राम पंचायत को सम्मानित भी किया जाएगा। इस दौरान ग्राम प्रधान व सचिव के स्तर पर बाल विवाह की रोकथाम को लेकर नियमित तौर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराए जाने की व्यवस्था भी होगी।