विचारक गोविंदाचार्य ने कहा कि राम मंदिर अयोध्या में उसी स्थान पर बनना चाहिए। मस्जिद तो वहां है ही नहीं, वह तो एक ढांचा था। क्योंकि जहां पर लंबे समय से नमाज न पढ़ी जाती हो, वह स्थान मस्जिद कही ही नहीं जा सकती है।
वह शुक्रवार की शाम कानपुर में आयोजित भारतीय सिंधु सभा और तुलसी परिवार के निशुल्क नेत्र शिविर के समापन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अमर उजाला से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मंदिर एक समता मूलक मुद्दा है, इसका समाधान न्यायालय के जरिये नहीं हो सकता है। सरकार को चाहिए कि इसके लिए जल्द कानून बनाकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाए।
अयोध्या में शिला पूजन पर दूसरी पार्टियों में मची हलचल को लेकर गोविंदाचार्य ने कहा कि मंदिर को चुनावी मुद्दा न माना जाए। आखिर राम मंदिर अयोध्या में नहीं बनेगा तो कहां बनेगा। पुरातात्विक प्रमाण भी यहीं बताते हैं।