कभी संघ परिवार के थिंक टैंक रहे विचारक के.एन. गोविंदाचार्य ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कॉरपोरेट घराने से संचालित बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तीनों ही देशी व विदेशी कॉरपोरेट घराने से संचालित हो रहे हैं। तीनों विदेशी बाजारवाद के दबाव में है। तीनों ही विदेशी बाजारपरस्त राजनीति से प्रेरित और ग्रसित हैं।
इन सबको देश को और समझने की जरूरत है। वह सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। गोविंदाचार्य ने कहा कि देश में पक्ष व विपक्ष का आचरण एक जैसा हो गया है। इसलिए देश को नए राजनीतिक विकल्प की जरूरत है। इसी के लिए उन्होंने ‘लोकतंत्र बचाओ मोर्चा’ का गठन किया है।
दुर्गा का निलंबन गलत, जंतर-मंतर पर आज धरना
गोविंदाचार्य ने कहा कि दुर्गा नागपाल का निलंबन गलत है। मुद्दा नागपाल नहीं बल्कि नरेंद्र भाटी हैं। भाटी ने जो कहा है, उसे लोगों को समझना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राजनीति में अपराधियों के प्रवेश को रोकने के लिए दिए गए निर्णय को लागू करने की खातिर लोकतंत्र बचाओ मोर्चा मंगलवार 6 अगस्त को दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना देगा।
साथ ही राजनीतिक दलों को सूचना के अधिकार कानून के दायरे में लाने की मांग उठाएगा।
चेहरों की नहीं मुद्दों पर हो राजनीति
गोविंदाचार्य ने कहा कि राजनीतिक दलों ने चेहरों की राजनीति शुरू कर दी है। सत्तापक्ष व विपक्ष की चाल, इनका चरित्र और चिंतन एक जैसा है।
यह लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं है। लोकतंत्र तभी अच्छी तरह संचालित होता है, जब चाल, चरित्र, नीति और नीयत की राजनीति होती है।
अखिलेश बहुत दबाव में
एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिस तरह के दबाव में काम कर रहे हैं। उसके चलते उनके कामकाज के आकलन में अभी और समय लगेगा।