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राज्यपाल का करारा जवाब, आजम के विभाग का अध्यादेश राष्ट्रपति को भेजा

Sun, 20 Nov 2016 04:01 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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राज्यपाल राम नाईक व कैबिनेट मंत्री आजम खां - फोटो : amar ujala
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यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खां द्वारा तल्‍ख टिप्पणी किए जाने के बाद राज्यपाल राम नाईक ने उन्हें अपने अंदाज में जवाब दिया है। राज्यपाल ने आजम के विभाग से जुड़े उत्तर प्रदेश नगरीय स्थानीय स्वायत्त शासन विधि अध्यादेश, 2016 को राष्ट्रपति को भेज दिया है।
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इस अध्यादेश को 17 अक्टूबर, 2016 को मंत्रि परिषद से पास करने के बाद 28 अक्टूबर को राज्यपाल के पास भेजा गया था।

इस अध्यादेश में नगर निगमों के महापौरों तथा नगरपालिकाओं के अध्यक्षों से नगर निगमों और नगर पालिकाओं के विभिन्न श्रेणी के अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार राज्य सरकार एवं स्थानीय निकायों के निदेशक में निहित किये जाने का प्रस्ताव किया गया है।

अध्यादेश के परीक्षण के बाद राज्यपाल ने इसे नगर निगमों एवं नगर पालिकाओं जैसी स्वायत्तशासी संस्थाओं की स्वायत्तता प्रतिकूल व प्रस्तावित संशोधन को लोकतंत्र की मूल अवधारणा के विरुद्घ बताया है। उनके अध्यादेश को राष्ट्रपति को भेजने को आजम खां को उनका जवाब माना जा रहा है।
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राज्य सरकार चाहती थी शक्तियां व ट्रांसफर करने का अधिकार

राज्यपाल राम नाईक - फोटो : amar ujala
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में भी राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 तथा उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 में संशोधन किये जाने हेतु ’उत्तर प्रदेश नगर निगम विधेयक 2015’ एवं ’उत्तर प्रदेश नगरपालिका विधि विधेयक 2015’ राज्य विधान मण्डल के दोनों सदनों से पारित करवाकर राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा था।

इनमें संशोधन करते हुए राज्य सरकार नगर निगमों के महापौरों तथा नगर पालिकाओं के अध्यक्षों के खिलाफ शिकायत प्राप्त होने पर उनकी वित्तीय व प्रशासनिक शक्तियां राज्य सरकार के अफसरों में निहित करने और उन्हें दूसरे नगर निगम व नगर पालिकाओं में स्‍थानांतरित करने का प्रावधान किया था, पर राज्यपाल ने इसकी अनुमति नहीं प्रदान की और अध्यादेश को राष्ट्रपति के पास विचार के लिए भेज दिया।
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