राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि दुनिया के दो सौ देशों ने योग को स्वीकार किया है। योग दिवस पर इन देशों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। वहीं कुछ लोग इस पर विवाद खड़ा कर रहे हैं, वे अज्ञानी हैं उन्हें योग के महत्व की जानकारी नहीं है। ऐसे लोगों को नजरंदाज करने की जरूरत है।
बढ़ रहे अपराधों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यूपी में अन्य प्रदेशों के मुकाबले ज्यादा अपराध हो रहे हैं।
विश्व योग दिवस के उपलक्ष्य में गुरु गोरक्षनाथ संस्थान द्वारा आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन अवसर राज्यपाल ने कहा कि योग किसी धर्म विशेष के क्षेत्र में नहीं आता, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण तथा चित्त की एकाग्रता के लिए एक बेहद लाभकारी क्रिया है। 21 जून का जिक्र करते हुए कहा कि इस दिन सूर्य सबसे ज्यादा तेज देता है।
इस दिन को यूएनओ ने विश्व योग दिवस के रूप में चुना है। यह प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से हुआ है। योग को जो नहीं समझता है न समझे, हम जो कर रहे हैं देश व समाज के लिए कर रहे हैं।
कहा कि बुद्ध और महावीर की प्रतिमाओं को देखेंगे तो योग ही दिखाई देगा। बौद्ध धर्म का जहां भी प्रचार हुआ है वहां योग का योगदान है।
नामित होने वाले एमएलसी को अपने क्षेत्र की हो पूरी जानकारी
प्रदेश की कानून व्यवस्था के मसले पर राज्यपाल ने चिंता जताते हुए इसमें सुधार की जरूरत बताई। कहा कि, यहां पत्रकारों की हत्या हो रही हैं। इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि हालात कैसे हैं।
शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या पर मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई को कहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने उन्हें संविधान की रक्षा के लिए यहां पर भेजा है। उसी के मुताबिक उन्हें कार्य करना है।
कहा कि ‘संविधान कहता है कि जिस क्षेत्र से एमएलसी नामित किया जाना है वह उस क्षेत्र का विशेषज्ञ हो। ऐसे लोगों को ढूंढ रहा हूं, जिस दिन मिल जाएंगे उनके नाम पर मुहर लग जाएगी।’
संगोष्ठी से पूर्व राज्यपाल एमपी पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ पहुंचे जहां बाबा गंभीर दास छात्रावास का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने ने लड़कियों में सुरक्षा को लेकर बढ़ते भय के कारण उनके लिए छात्रावास की जरूरत बताई।
इस मौके पर महंत आदित्यनाथ और प्रो. यूपी सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान शेर बहादुर सिंह, रामजन्म सिंह, कामेश्वर सिंह, विनय कुमार सिंह बिन्नू, उपेंद्र दत्त शुक्ल समेत बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।