राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को अलीगंज स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महाविद्यालय की छात्राओं को सशक्त बनने और अपना ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने छात्राओं को पुरस्कार दिए। राज्यपाल ने कहा कि हीमोग्लोबिन की कमी से प्रदेश में हर साल छह हजार माताओं की प्रसव के दौरान मौत हो जाती है। इसके लिए हमें बालिकाओं को जागरूक करना होगा।
राज्यपाल ने कहा कि बालिकाओं में हीमोग्लोबिन की काफी कम होती है। कुछ करने के लिए सबसे पहले बेटियों को खुद को मजबूत बनाना होगा। उन्होंने कॉलेज की प्राचार्य को निर्देश दिया कि एक माह तक वे सभी छात्राओं की खानपान की सूची तैयार करें। इसके बाद उनकी हीमोग्लोबिन की जांच कराएं। जिन छात्राओं में हीमोग्लोबिन का स्तर 12 फीसदी से कम है उनका विशेष ध्यान रखना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने छात्राओं को छेड़छाड़ के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने के लिए कहा। राज्यपाल ने कहा कि सभी महाविद्यालयों को गांव गोद लेकर वहां के बच्चों को स्कूल पहुंचाने, टीबी से पीड़ित बच्चों की पहचान तथा उन्हें सहयोग करना चाहिए। कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अनुराधा तिवारी ने आख्या प्रस्तुत की। इस मौके पर लविवि कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय, डॉ. विजय कर्ण और शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इनका हुआ सम्मान
वंदना सिंह, पूनम कश्यप, अपूर्वा लोहुमी, आयुषी मिश्रा, अमृता सिंह, हर्षिता यादव, निशा वर्मा, सोनी यादव, ममता वर्मा, तान्या सिंह, सरिता यादव, वर्षा द्विवेदी, रंजना रावत, मिताली सिंह, श्रुति शुक्ला, रुकैया फातिमा, मानसी सिंह और साइमा बानो।