प्रदेश में भू-माफिया, खनन माफिया और संगठित अपराधियों से निपटने के लिए यूपी संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक (यूपीकोका) तैयार किया गया है। गृह विभाग के इस मसौदे को योगी सरकार ने हरी झंडी दे दी है। 12 दिसंबर को कैबिनेट बैठक में यूपीकोका विधेयक के मसौदे पर मुहर लग सकती है।
विधेयक को 14 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा।विधानमंडल से पास होने के बाद राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही यूपीकोका कानून बन जाएगा। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी जो कानून है, उसमें अपराधियों को जल्दी जमानत मिल जाती है।
छूटने के बाद वे फिर उसी तरह के अपराध में लिप्त हो जाते हैं। यूपीकोका से संगठित अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
तीन राज्यों के कानून से तैयार हुआ विधयेक
यूपीकोका विधेयक महाराष्ट्र के मकोका के अलाव कर्नाटक व गुजरात में लागू ऐसे कानूनों का अध्ययन कर तैयार कराया है। मायावती के शासन के दौरान भी ऐसा कानून तैयार किया गया था, लेकिन अलग-अलग वजहों से यह अमल में नहीं आ सका था।