मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस स्थिति पर कई बार चिंता जता चुके हैं। अधिकारी ने बताया कि सरकार अब इस समस्या के स्थायी समाधान तथा परियोजनाओं से जुड़े समस्त कार्य समय से व पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के लिए मौजूदा व्यवस्था के ढांचे, क्रियाकलाप व गतिविधियों में मूलभूत बदलाव करने जा रही है।
इसके लिए एक नई बड़ी व समावेशी संस्था बनाने का विचार है। प्रस्तावित संस्था डीपीआर तैयार करने, पीएफएडी, पीआईबी व ईएफसी के संबंध में समन्वय स्थापित करने, परियोजनाओं के फार्मुलेशन, अप्रेजल, मॉनीटरिंग तथा तकनीकी व वित्तीय ऑडिट के लिए उत्तरदायी होगी।
यही परियोजनाओं को समय व गुणवत्ता के साथ पूरा कराने की जिम्मेदारी निभाएगी।
प्रस्तावित संस्था का कार्य, दायित्व व प्रारूप के संबंध में रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता व विभागाध्यक्ष विजय कुमार सिंह को सौंपी गई है।
अपर मुख्य सचिव नियोजन कुमार कमलेश ने सिंह से 15 दिनों में रिपोर्ट तैयार कर सौंपने का निर्देश दिए हैं। विजय इस काम के लिए प्रदेश के अतिरिक्त केंद्र सरकार व अन्य राज्यों में कार्यरत इस तरह की संस्थाओं की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर उससे जुड़े लोगों से विचार-विमर्श कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।