प्रदेश सरकार चालू वित्त वर्ष में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले 10 लाख और बुजुर्गों को पेंशन योजना से जोड़ेगी। इसके लिए समाज कल्याण निदेशालय को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार चालू वित्त वर्ष में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले 10 लाख और बुजुर्गों को पेंशन योजना से जोड़ेगी। इसके लिए समाज कल्याण निदेशालय को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पुराने पेंशनर्स के सत्यापन के लिए भी कहा गया है।
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चुनावी वर्ष में इसे प्रदेश सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है। वर्तमान में 51.5 लाख गरीब बुजुर्गों को प्रदेश सरकार प्रतिमाह 500 रुपये की दर से भुगतान कर रही है। इस संख्या को बढ़ाकर 60 लाख करने की योजना है। समाज कल्याण विभाग को पुराने पेंशनर्स का सत्यापन करने के आदेश भी दिए गए हैं। हर साल सत्यापन में औसतन डेढ़ से दो लाख पेंशनर्स की मौत होने या अपात्र होने से उन्हें लाभार्थियों की सूची से हटाया जाता है। इस तरह करीब 10 लाख नए पेंशनर्स योजना में शामिल किए जा सकेंगे।
3600 करोड़ की व्यवस्था
सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए चालू वित्त वर्ष में 3600 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। इसमें से 1800 करोड़ रुपये का आवंटन भी जारी कर दिया है। समाज कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 5 लाख नए लाभार्थियों का चयन भी कर लिया गया है। शेष के चयन की प्रक्रिया मई-जून तक पूरी कर ली जाएगी।