माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में फायर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शासन ने सख्ती बढ़ा दी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव सारिका मोहन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भेजकर आग से बचाव के सभी इंतजाम जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। शासन के निर्देश के बाद केजीएमयू प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, केजीएमयू के कई पुराने भवनों में फायर सेफ्टी के इंतजाम मानकों के अनुरूप नहीं हैं। स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म सिस्टम और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता व उनकी कार्यशीलता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा कई भवनों के पास अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं होने की बात भी सामने आई है।
केजीएमयू प्रदेश के सबसे अधिक बेड वाले चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां करीब चार हजार मरीज भर्ती रहते हैं, जबकि रोजाना बड़ी संख्या में तीमारदार भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति के दौरान हजारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना बड़ी चुनौती बन सकता है। खासकर पुराने और भीड़भाड़ वाले भवनों में आग लगने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।