लखनऊ। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस ने बिजली का निजीकरण किए जाने के फैसले को वापस लेने की मांग की है। यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा।
प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहीं राज्य कमेटी की सदस्य कमला गौतम ने कहा कि निजीकरण से बिजली महंगी हो जाएगी और बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी होगी। सबसे ज्यादा खामियाजा संविदा कर्मचारियों को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा, निजीकरण किसी भी तरह से देश और समाज के हित में नहीं है। इससे कार्पोरेट घरानों को ही लाभ होगा। प्रतिनिधिमंडल में राजीव गुप्ता, मो. आलम, ऐक्टू के जिला मंत्री केएमएस मगन, अनिल कुमार, शांतम निधि आदि थे।