मार्च निकालते सामाजिक न्याय मोर्चा के सदस्य।
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीआर गवई पर जूता फेंके जाने के खिलाफ सामाजिक न्याय मोर्चा ने मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया। मार्च में शामिल लोगों ने आरोपी पर देशद्रोह और रासुका के तहत कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने प्रदेश में चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर भी नाराजगी जताते हुए राष्ट्रपति से सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।
जिलाधिकारी कार्यालय से परिवर्तन चौक स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रतिमा तक निकाले गए मार्च में सामाजिक न्याय मोर्चा के संयोजक रमाशंकर भीम ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर शाम को रिहा कर दिया, जबकि ये मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे आरोपी पर देशद्रोह और रासुका के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने महाराजा लाखन पासी की प्रतिमा स्थापित करने, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग को दोषी लोकसेवकों को तलब कर दंडित करने का अधिकार देने की मांग की। मार्च में रामकृपाल, कन्हैयालाल गौतम, महेंद्र सिंह यादव, रामफेर निराला, सैयद मशकूर आलम, आरडी रावत निर्मोही, विश्राम राम पासी, रविंद्र कटियार, सुखदेव प्रसाद यादव, सविता गौतम, गरिमा भीम, केशव राम गौतम, बसंतलाल रावत, कैलाश चंद्र भीम आदि शामिल रहे।