लखनऊ। महाराजा सुहेलदेव राजभर की 1017वीं जयंती पर शुक्रवार को राजभर एकता कल्याण समिति ने लालबाग सुहेलदेव राजभर तिराहे पर स्थित महाराजा सुहेलदेव राजभर की मूर्ति परिसर में कार्यक्रम किया। सरकार से जयंती पर अवकाश घोषित करने की मांग उठाई गई। हवन कर तहरी भोज हुआ। शाम को मूर्ति परिसर में मोमबत्तियां जलाई गईं। समिति के अध्यक्ष पवन कुमार राजभर ने कहा कि सरकारी दस्तावेजों से प्रमाणित है कि महाराजा सुहेलदेव राजभर जाति के थे। सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सुहेलदेव के नाम के आगे राजभर न लिखकर उनको अपमानित किया जा रहा है। पूर्व सांसद हरिनारायन राजभर, पूर्व कृषि निदेशक एसपी राय, भगवान दास राजभर, रामचंद्र राव आदि मौजूद रहे।