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एलयू की सूरत बदलने के लिए मिले 15 करोड़ रुपये

Sun, 01 Jan 2017 04:05 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : demo pic
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नए साल में लखनऊ विश्वविद्यालय इनोवेशन हब के रूप में विकसित होगा। स्टूडेंट के साथ ही सामान्य नागरिक भी एलयू के इनोवेशन लैब से जुड़कर नए अविष्कार की नींव रख सकेंगे।
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इतना ही नहीं विश्वविद्यालय की सीवर, ड्रेनेज और सड़क संबंधी समस्याएं भी समाप्त होने की उम्मीद है। शासन ने बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय की विभिन्न योजनाओं के लिए 15 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।

विवि ने परिसर में नोवेशन लैब, इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट स्टडीज इन एडवांस कंप्यूटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रस्ताव भेजा था। शासन ने इनको मंजूरी देते हुए अलग-अलग योजनाओं के लिए 15 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया।
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उच्च शिक्षा विभाग की ओर से शासनादेश होने के बाद विवि को यह राशि मिल जाएगी। एलयू को बजट मिलने के बाद सभी काम कराकर बिल क्षेत्रीय उच्चशिक्षा अधिकारी से प्रतिहस्ताक्षरित कराने होंगे।

शासन ने बजट की राशि का किसी अन्य मद में उपयोग न करने के लिए सख्त चेतावनी दी है। ऐसा करने पर कार्रवाई और बजट की अगली किश्त न जारी करने की बात भी कही गई है।

एलयू में दो करोड़ रुपये की राशि से परिसर में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर इनोवेशन लैब की स्थापना के लिए प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई है।

इस लैब से स्टूडेंट के साथ ही आम नागरिक भी जुड़ सकेंगे। लैब से जुड़ने के लिए उन्हें इनोवेशन के लिए एक आइडिया देना होगा। आइडिया स्वीकृत होने पर उन्हें इस लैब से जोड़ा जाएगा।
 
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12 करोड़ रुपये से सुधरेंगे सीवर, सड़क और ड्रेनेज

डेमो - फोटो : AmarUjala
इस तरह से विवि नए अविष्कारों के लिए योगदान दे सकेगा। फिलहाल इसके लिए एक करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। बाकी एक करोड़ रुपये काम शुरू होने के बाद मिलेगा।

विश्वविद्यालय में तीन करोड़ रुपये से इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट स्टडीज और इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट स्टडीज इन एडवांस कंप्यूटिंग की स्थापना होगी। इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट स्टडीज में विकास से संबंधित मुद्दों पर अध्ययन किया जाएगा।

जबकि इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट स्टडीज इन एडवांस कंप्यूटिंग में विकास जुड़े मुद्दों की गणना की जाएगी। लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू और ओल्ड दोनों कैंपस की सूरत बदलने वाली है।

विवि के नए परिसर में सड़क और सीवर व्यवस्था का बुरा हाल है। दूसरी ओर पुराने परिसर में कर्मचारी और शिक्षक आवासों में सीवर और ड्रेनेज का बुरा हाल है।

इन कामों के लिए विवि काफी समय से प्रस्ताव भेज रहा था। अब इन्हें मंजूरी मिल गई है। विवि के न्यू कैपंस मेें निर्माण के लिए चार और ओल्ड कैंपस में व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए आठ करोड़ रुपये मिले हैं।
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