राजधानी के आसपास के इलाकों को विकसित करने के लिए शासन ने लीडा, एलडीए के अलावा उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण से प्रोजेक्टों के प्रस्ताव मांगे हैं।
लखनऊ के आसपास के इलाकों को काउंटर मैग्नेट एरिया के रूप में विकसित किया जाना है ताकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के ऊपर पलायन का दबाव कम किया जा सके।
मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक अनूप कुमार श्रीवास्तव ने एलडीए वीसी, लीडा के सीईओ को पत्र भेजकर कहा कि 16 मार्च 2020 को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक हुई थी।
इसमें काउंटर मैग्नेट एरिया के लिए एक्शन प्लान तैयार कर मांगा गया था। क्षेत्रीय योजना और उपक्षेत्रीय योजना 2021 में इन एक्शन प्लान के प्रस्तावों को शामिल किया जाना है।
ऐसे में जरूरी है कि तीनों विकास प्राधिकरण प्रोजेक्टों को चिह्नित कर रिपोर्ट दें। एक सप्ताह में इन प्रोजेक्टों की रिपोर्ट शासन ने मांगी है ताकि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को वित्तीय सहयोग के लिए भेजा जा सके।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 68वीं बैठक में हुए फैसले के मुताबिक, लखनऊ के आसपास के इलाके काउंटर मैग्नेट एरिया के रूप में विकास करने के लिए बजट दिया जाना है।
लोगों को मिल सकेगा काम
एलडीए के अधिकारियों का कहना है कि एनसीआर व दिल्ली में पलायन नौकरी और बेहतर शिक्षा के लिए सबसे अधिक होता है। ऐसे में आबादी बढ़ती जा रही है। पलायन के दबाव को कम करने के लिए जरूरी है कि लखनऊ के आसपास ही उद्योग, सर्विस सेक्टर और बड़े शैक्षिक संस्थान विकसित किए जाएं। इसके लिए प्रोजेक्टों पर काम किए जाने हैं। आयुक्त एनसीआर प्लानिंग बोर्ड खुद इस विकास कार्यक्रम की निगरानी कर रहे हैं।
राज्य सरकार के जरिए जाना प्रस्ताव
एलडीए, लीडा और उन्नाव शुक्लागंज विकास प्राधिकरण के प्रस्तावों को राज्य सरकार अपने स्तर पर भी समीक्षा करेगी। इसके बाद इन्हें एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को भेजा जाएगा। यह जिम्मेदारी आवास विभाग को दी गई गई है।