राज्य सरकार ने माना है कि प्रदेश में पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर नहीं हैं। प्रमुख सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य की ओर से हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल शपथपत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों व प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी को इसका कारण बताया गया है।
अस्पतालों में वेंटिलेटरों व अन्य संसाधनों की कमी को लेकर हाईकोर्ट के सख्त रवैये पर राज्य सरकार ने जवाबी शपथपत्र दाखिल किया है।
अदालत ने अस्पतालों को वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सीय उपकरण मुहैया कराने के उपायों को लेकर 12 अप्रैल को प्रमुख सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य, डीजी चिकित्सा व स्वास्थ्य, निदेशक एसजी पीजीआई व केजीएमयू के कुलपति को जवाबी हलफनामे दाखिल करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने इनसे एक सप्ताह में जानकारी मुहैया कराने को कहा था।