अगर आपने कोई तकनीकी या प्रोफेशनल कोर्स किया है और इंटर्नशिप के लिए भटक रहे हैं तो केंद्र सरकार आपके साथ है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ‘एमएचआरडी इंटर्नशिप स्कीम 2014’ में आवेदन कर सकते हैं।
केंद्र सरकार छात्रों, युवाओं को प्रोफेशनली स्किल्ड करने के लिए दो माह के इंटर्नशिप बैच चला रही है। इस दौरान युवाओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपंड भी दिया जाएगा।
अप्रैल 2015 के बैच के लिए छात्र 28 फरवरी 2015 तक आवेदन कर सकते हैं। इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को सरकार के विभिन्न विभागों में पॉलिसी मेकिंग के अलावा कई काम सीखने का मौका मिलेगा।
उच्च शिक्षा विभाग, आईआईटी, आईआईएम, एपेक्स बॉडी, रिसर्च एंड डवलपमेंट, स्किल्स डवलपमेंट, वोकेशनल एजूकेशन, केंद्रीय विवि, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान, माइनॉरिटी एजूकेशन, स्कूल एजूकेशन एंड लिट्रेसी, एलिमेंट्री एजूकेशन, सेकेंडरी एजूकेशन, एडल्ट एजूकेशन एंड लिट्रेसी विभाग में ट्रेनिंग दी जाएगी।
इन छात्रों को मिलेगा मौका
इस प्रोग्राम के अंतर्गत ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन इन एजूकेशन, सोशल साइंसेज, साइंस, ह्यूमेनिटीज, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, आईसीटी, लॉ छात्रों को मौका मिलेगा।
तीन साल वाले कोर्स के छात्र के लिए कम से कम दो साल यानी चार सेमेस्टर और पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स वाले छात्र के लिए कम से कम तीन साल यानी छह सेमेस्टर पूरे होने जरूरी हैं।
इंटर्नशिप वाले छात्र को अपने संस्थान के एचओडी या प्राचार्य से एनओसी भी लेनी होगी। योजना के तहत दो माह का पहला इंटर्नशिप बैच एक अक्तूबर से शुरू हो चुका है, जबकि दूसरा बैच एक दिसंबर 2014 से 31 जनवरी 2014 तक चलेगा।
तीसरा बैच एक फरवरी-2015 से शुरू होगा। दिसंबर और फरवरी के बैच के लिए आवेदन पूरे हो चुके हैं। इसके लिए छात्र सेक्शन ऑफिसर, स्टेब्लिशमेंट 4, रूम नंबर 235, सी-विंग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली, 110115 पर भेज सकते हैं।
छात्र harjeet.edu@nic.in पर ईमेल कर सकते हैं।
यूजीसी बढ़ाएगा छात्रों की योग्यता
कोर्स करने के बाद स्किल डवपलमेंट के लिए छात्रों को मोटी रकम खर्च कर निजी एजेंसियों के पास जाना पड़ता है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) देशभर में 100 नॉलेज अपग्रेडेशन फॉर स्किल्ड ह्यूमन एक्शन एंड लर्निंग सेंटर (कौशल केंद्र) खोलने की तैयारी में है।
यूजीसी की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक ये केंद्र छात्रों को जॉब ओरियंटेड स्किल्स बेस्ड ट्रेनिंग के लिए खोले जा रहे हैं।
कॉलेज, विवि में खुलने वाले इन केंद्रों में से हरेक के लिए यूजीसी प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये की फंडिंग पांच वर्ष तक देगा। केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी इस बारे में विभिन्न विवि और कॉलेजों से बात कर चुकी हैं।
बता दें कि एक अध्ययन के मुताबिक देश में हर साल डिग्री लेकर पासआउट होने वाले युवाओं में महज 20 प्रतिशत ही रोजगार की जरूरतों के मानक पूरे करते हैं। बाकी की डिग्री महज कागज का टुकड़ा बनी रह जाती है।