हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने चक गंजरिया फार्म में कथित रूप से 11 कर्मचारियों के सरकारी आवासों को ढहाने की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी।
राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि वहां अभी कोई ध्वस्तीकरण नहीं किया जाना है और यह महज आशंका पर आधारित याचिका है।
न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को यह फैसला इमियाज खां समेत पशुपालन विभाग के 11 कर्मचारियों की रिट पर सुनाया।
कर्मचारियों का कहना था कि आईटी सिटी के लिए फार्म की शिफ्टिंग के सिलसिले में उनके आवास 31 अक्तूबर को ढहा दिया जाएगा।
अदालत ने सरकारी वकील को मामले में निर्देश प्राप्त कर सरकार का पक्ष पेश करने के लिए 24 घंटे का वक्त दिया था।
राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता बुलबुल गोदियाल ने अदालत को बताया कि 31 अक्तूबर को वहां ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं होनी है। हाईकोर्ट ने फिलहाल इस याचिका को खारिज कर दिया है।