उपचुनाव बीत गए। क्या अब कुछ कड़े फैसलों की बारी है, क्या राज और नीति में कुछ बदलाव के संकेत हैं? सियासी हलकों में ऐसी अटकलें जोर पकड़ रही हैं।
कहा जा रहा है कि वजीर-ए-आला कुछ कड़े और अहम फैसले लेने जा रहे हैं। एक वजीर के मुताबिक, काफी कुछ उपचुनावों के नतीजों पर निर्भर है।
वजीर-ए-आला जब अगली बार अपने काबीना मिनिस्टरों के साथ बैठेंगे तो उपचुनावों की तस्वीर साफ हो रही होगी या हो चुकी होगी। इनके नतीजे समाजवादियों की राजनीति की दिशा तय करेंगे।
अटकलें तो कुछ चेहरों के बदलाव को लेकर भी हैं। कुछ लोग तो ‘इन’ और ‘आउट’ होने वालों के नामों की सूची भी लिए घूम रहे हैं।
नई जिम्मेदारी संभालने की उम्मीदें संजोए वेस्ट यूपी के फर्स्ट टाइमर एमएलए ने कहा, हम तो परीक्षा में पास हो गए हैं, अब बारी नेताजी और सीएम साहब की है।