रेलवे भर्ती की लिखित परीक्षाओं में शामिल होने वाले एससी/एसटी अभ्यर्थियों के रेल टिकट अब उनके स्वप्रमाणित प्रवेश पत्र और जाति प्रमाण पत्र की छायाप्रति के आधार पर ही बनाए जाएंगे।
हालांकि अभ्यर्थियों को सफर के दौरान अपनी जाति व प्रवेश पत्र की मूल प्रति साथ रखना अनिवार्य होगा।
पूर्व में रेलवे भर्ती सेल के सहायक सचिव के स्याही के हस्ताक्षर वाले प्रवेश पत्र पर एससी/एसटी अभ्यर्थियों के रेल टिकट जारी करने की व्यवस्था थी।
रेलवे नवंबर में होने वाली ग्रेड पे 1800 की भर्ती की लिखित परीक्षा से यह नई व्यवस्था लागू करेगा।
प्रत्येक रेलवे भर्ती कमीशन (आरआरसी) की भर्ती परीक्षा में डेढ़ से दो लाख एससी/एसटी अभ्यर्थी हिस्सा लेते हैं।
लिखित परीक्षा के लिए रेलवे एससी/एसटी उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र जाने व वापस आने के लिए प्रवेश पत्र पर मुफ्त यात्रा टिकट जारी करता है।
अब तक शर्त थी कि अभ्यर्थियों को तब ही निशुल्कयात्रा का लाभ मिल सकेगा जब उनके प्रवेशपत्र पर संबंधित आरआरसी के सहायक सचिव के स्याही से हस्ताक्षर होंगे।
ऐसा प्रवेश पत्र के आधार पर निशुल्क यात्रा के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए किया गया था।
हालांकि बड़ी संख्या में एससी/एसटी अभ्यर्थियों को जो प्रवेश पत्र मिल रहे थे त्रुटिवश उन पर स्याही वाले हस्ताक्षर नहीं होते थे।