राज्य कर्मचारी अब अस्पतालों में कैंसर, हृदय रोग, लीवर व किडनी जैसी गंभीर बीमारी का मुफ्त इलाज करा सकेंगे।
इसके लिए सरकार ने असाध्य रोगों के निशुल्क उपचार के लिए बनी नियमावली में संशोधन कर दिया है।
सरकार के इस फैसले से 12 लाख से ज्यादा राज्य कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
राज्य कर्मचारी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। पिछले साल राज्य कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल भी की थी।
प्रदेश में असाध्य रोगों के निशुल्क उपचार के लिए नियमावली-2013 बनी हुई है।
इसमें अभी तक बीपीएल कार्डधारक व सवा तीन एकड़ जोत तक के किसान अथवा 35 हजार रुपये तक वार्षिक आय वालों का मुफ्त इलाज किया जाता है।
इस नियमावली में अब राज्य कर्मचारियों को भी शामिल कर लिया गया है।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा बीएस भुल्लर की ओर से इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इसके तहत संबंधित मेडिकल विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशियलिटी संस्थान में एक नोडल समिति गठित की जाती है।
यही समिति तय करती है कि रोगी गंभीर बीमारी से पीड़ित है और फिर उसके मुफ्त इलाज की सिफारिश करती है।