प्रदेश के लोकसभा चुनाव में सत्ताधारी दल की बड़ी जीत में सरकार और शासन के बेहतर तालमेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार बैठकें कर लक्ष्य दिए तो ब्यूरोक्रेसी ने उसे पूरा करने की कामयाब कोशिश की।
प्रदेश में जो विकास योजनाएं वर्षों से लंबित थीं, उनमें तमाम न सिर्फ अभियान के साथ पूरी हुईं, बल्कि लाभार्थीपरक योजनाओं को जनता तक पहुंचाकर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी ने पूरे देश में वाहवाही बटोरी। इस चुनाव में निर्विवाद रूप से माना जा रहा है कि विकास व लाभार्थीपरक योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में कामयाबी जीत के प्रमुख कारणों में से एक रही। इसका श्रेय ब्यूरोक्रेसी और फील्ड के कर्मचारियों को जाता है।
योगी सरकार ने सत्ता संभाली तो पहली कैबिनेट बैठक में ही कृषि ऋणमाफी योजना को लागू करने का एलान किया जाना था, मगर खजाना खाली था। कई दिन तक कोई रास्ता न सूझने के बाद ब्यूरोक्रेसी ने इसका रास्ता निकाला और 36 हजार करोड़ रुपये के अपने ही बजट से बंदोबस्त कर सरकार को पहली परीक्षा में जीत दिलाई।
करीब 86 लाख किसानों को एक लाख रुपये तक के कर्ज से मुक्ति मिली। गन्ना मूल्य के बकाये को विपक्ष ने मुद्दा बनाने की खूब कोशिश की। पर, ढाई वर्ष से भी कम समय में रिकॉर्ड 66 हजार करोड़ रुपये गन्ना किसानों का भुगतान हुआ। इस भारी-भरकम बजट का बंदोबस्त ब्यूरोक्रेसी के दिमाग से ही संभव हो पाया।
इसी वर्ष प्रयागराज में कुंभ का सफल आयोजन हुआ। पूरी दुनिया से 22 करोड़ से अधिक लोग इसमें शामिल हुए। बिना किसी घटना-दुर्घटना के कुंभ के सफल आयोजन से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक राज्य सरकार की छवि निखरी और चुनाव के पहले देश भर के लोग सुखद एहसास के साथ लौटे। कुंभ के प्रबंधन की हर स्तर पर सराहना हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के पहले बजट में गेमचेंजर योजना केरूप में किसान सम्मान निधि का एलान किया। समय कम था और प्रदेश में लाभार्थी सबसे ज्यादा। पहली बार शासन से लेकर फील्ड तक में राजस्वकर्मियों तक शानदार समन्वय देखने को मिला। देश में सर्वाधिक 1.14 करोड़ किसानों के खाते में चुनाव के पहले 2000-2000 रुपये की दो किस्तें पहुंच गईं।
प्रधानमंत्री आवास, मुफ्त बिजली और रसोई गैस कनेक्शन, 18 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति के साथ किसान सम्मान निधि का योगदान जाति-धर्म का बंधन तोड़कर सत्ताधारी दल को वोट दिलाने में सबसे अधिक रहा। वाणसागर सहित कई सिंचाई परियोजनाएं दशकों से लंबित थीं। ब्यूरोक्रेसी ने इन पर फोकस कर इन्हें पूरा कराया।
ये काम बने माइलस्टोन
- 86 लाख किसानों को कृषि ऋणमाफी योजना का लाभ। एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ।
- 24 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की सौगात।
- 2.70 करोड़ परिवारों को शौचालय।
- 1 करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली कनेक्शन।
- जिला मुख्यालय पर 24 घंटे, तहसील पर 20 घंटे व गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति।
- 1.12 करोड़ से अधिक महिलाओं को नि:शुल्क एलपीजी कनेक्शन।