गोंडा जिले के धानेपुर के जमुनागंज में बुधवार देर रात 28 गोवंशों को ट्रक में भरकर बिहार के सिवान ले जा रहे संतकबीरनगर निवासी गोतस्कर शमशेर और वहां गिरफ्तारी के लिए पहुंची एसओजी व धानेपुर पुलिस की मुठभेड़ हो गई। पैर में गोली लगने के बाद शमशेर को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से ट्रक व 28 गोवंश, तमंचा, कारतूस व खोखा बरामद किया गया है।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि बुधवार देर रात धानेपुर पुलिस व एसओजी की टीम राधास्वामी आश्रम के करीब पांच सौ मीटर दूर जमुनागंज में धानेपुर पुलिस संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। गोवंशों से लदा ट्रक होने की जानकारी के बाद धानेपुर प्रभारी निरीक्षक निर्भय नारायण सिंह व एसओजी प्रभारी संजय गुप्ता की अगुवाई वाली टीम ने घेराबंदी कर दी।
इस दौरान ट्रक चालक शमशेर ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। हालांकि किसी तरह से पुलिसकर्मियों ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायरिंग की। इसमें शमशेर के पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह संतकबीर नगर के धुसुरा दुधारा का रहने वाला है। ट्रक में गोवंश लादकर बिहार प्रांत के सिवान जा रहा था। उसके कब्जे से पुलिस ने 28 गोवंश से लदा ट्रक, तमंचा, कारतूस और खोखा बरामद किया गया है।
आरोपी ने घूम-घूमकर गोवंशों को पकड़कर बिहार में तस्करी की बात स्वीकार की। हालांकि उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। प्रभारी निरीक्षक निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी का अपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
जिले में भी मजबूत है शातिर का नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में स्थानीय लोगों की भी संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि वर्तमान में गोतस्कर गोंडा को सुरक्षित ठिकाना मान रहे हैं। कुछ और संदिग्धों की पहचान की गई है। उनका कहना है कि संतकबीरनगर का दुधारा गो तस्करी के लिए कुख्यात है। पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गो तस्करी के आरोपों में रिपोर्ट दर्ज की है साथ ही आरोपी को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं।