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जिन लाशों की पहचान हुई थी...वो लड़कियां तो हैं ज़िंदा!

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यूपी के लखनऊ और सीतापुर में मिले दो सिर, धड़ और चार पैर संदिग्ध हालात में मिले थे। शनिवार को पुलिस ने इन लड़कियों की शिनाख्त गोंडा की दो लापता बहनों के रूप में की थी। मगर रविवार सुबह इस कहानी में एक और मोड़ आ गया है।
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गोंडा की पुलिस ने पुष्टि की है कि जिन दो बहनों के रूप में शिनाख्त की गई थी वो दोनों जिंदा हैं। रविवार सुबह एसपी गोंडा ने ये जानकारी दी। यूपी पुलिस को गोंड़ा की ये दोनों बहनें इलाहाबाद में जिंदा मिली हैं। सूत्रों ने बताया कि गोंड़ा की इन दोनों लापता बहनों ने इलाहाबाद में शादी कर ली है। गोंडा पुलिस ने इन दोनों लड़कियों को बरामद कर लिया है।

गोंडा की लापता बहनों के मिलने के बाद कटे सिर, धड़ और पैर की कहानी में एक नया मोड़ आ गया है। पुलिस के सामने अब ये सवाल है कि आखिर ये दो लड़कियां कौन है जिन्हे बेरहमी से मारकर काटकर फेंका गया है।
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एक दिन पहले गोंडा की बहनों के रूप में हुई थी शिनाख्त

इससे पहले शनिवार को सीतापुर में मिले दो सिर और लखनऊ के मड़ियांव इलाके में फेंके गए धड़ व पैर गोंडा से चार दिन पहले संदिग्ध हालात में लापता दो बहनों के रूप में हुई थी।
परिवारीजनों ने शरीर के टुकड़ों व कपड़ों के आधार पर शनिवार को दोनों शवों की शिनाख्त की थी। इसके बाद पुलिस की एक टीम गोंडा भेजी गई।

गोंडा के सुभाषनगर के पप्पू व राकेश गुप्ता ने शनिवार को सीतापुर के मानपुर थाने पहुंचकर ट्रॉली बैग में मिले दो युवतियों के सिरों की पहचान अपनी बहन संगीता (20) व लक्ष्मी (16) के रूप में की थी।

इसके बाद मड़ियांव थाने पहुंचकर बोरों में युवतियों के धड़ व पैरों के साथ मिले कपड़ों को भी पहचाना था। राकेश ने बताया था कि उसकी दोनों बहनें 30 नवंबर की रात संदिग्ध हालात में गहने व नगदी के साथ लापता हुई थीं। कई दिन तलाशने के बाद पुलिस को गुमशुदगी की सूचना दी। अब इन दोनों बहनों के जिंदा मिलने के बाद कहानी में नया मोड़ आ गया है।
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