रुद्रगढ़ नौसी अलफनगर में पेड़ की डाल काटने को लेकर शनिवार शाम हुए विवाद में अधिवक्ता और उनके परिजनों पर लोहे की रॉड व लाठी से हमला कर दिया गया। हमले में अधिवक्ता और उनके माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। मेडिकल कॉलेज से नाजुक हालत में निजी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में पिता की मौत हो गई। पुलिस ने पहले जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज की। बाद में उसमें गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से दो बाल अपचारी हैं।
गांव निवासी सिविल कोर्ट के अधिवक्ता संजय दूबे के खेत में लगे पेड़ की डाल गांव के ही राम नारायण के खेत तक पहुंच गई थी। शनिवार शाम राम नारायण और उसके परिवार के लोग डाल काटने लगे। इसी को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। आरोप है कि राम नारायण व उसके परिवार के लोगों ने लोहे की रॉड और लाठी से संजय, उनके पिता देव नारायण और मां कांति देवी पर हमला कर दिया। इससे तीनों लोग घायल हो गए।
देव नारायण को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां से निजी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। अधिवक्ता संजय की शिकायत पर शनिवार को पुलिस ने राम नारायण, रामनेवास, शिवकुमार समेत छह लोगों को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज की थी।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। सूचना पर एएसपी (पूर्वी) व सीओ सदर शिल्पा वर्मा ने परिजनों को आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया।
इंस्पेक्टर अरविंद यादव ने बताया कि नामजद आरोपी रामनेवास, शिवकुमार व श्रीप्रकाश दूबे को गिरफ्तार कर लिया। दो बाल अपचारी भी संरक्षण में लिए गए हैं। एएसपी (पूर्वी) अजीत कुमार ने बताया कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।
दरोगा पर लापरवाही का आरोप
अधिवक्ता संजय दूबे के परिजनों का आरोप है कि पेड़ की डाल का विवाद काफी दिनों से चल रहा है। पुलिस से मामले की शिकायत की गई थी, लेकिन दरोगा की लापरवाही के कारण निपटारा नहीं हो सका। यदि पुलिस ने तत्परता दिखाई होती तो देव नारायण की जान नहीं जाती।