लखनऊ। दारुल उलूम निजामिया फरंगी महल की ईद-उल-अजहा हेल्पलाइन पर मुसलमानों ने शुक्रवार को भी अपनी आशंकाओं को दूर किया। अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की अध्यक्षता में उलमा के पैनल ने सवालों के जवाब दिए।
इन नंबरों पर पूछें सवाल
हेल्पलाइन के फोन नंबरों 9415023970, 9335929670, 7007705774, 9415102947, 9140427677 और वेबसाइट www.farangimahal.in पर 10 जून तक दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक आशंकाओं से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं।
हेल्पलाइन पर पूछे गए सवाल
सवाल: एक आदमी निसाब का मालिक नहीं है, लेकिन उसने एक बकरा कुर्बानी की नीयत से पाल रखा है, क्या वो उसे बेच सकता है?
जवाब: इस बकरे को वो बेच नहीं सकता, बल्कि उस पर कुर्बानी वाजिब है।
सवाल: मैंने एक जानवर खरीदा, लेकिन बाद में कोई ऐब (दोष) निकल गया, क्या उसकी कुर्बानी सही है?
जवाब: ऐसे जानवर की कुर्बानी सही नहीं है, दूसरा जानवर खरीद कर कुर्बानी करें।
सवाल: क्या कुर्बानी के जानवर की खाल खुद इस्तेमाल कर सकते हैं?
जवाब: कर सकते हैं, लेकिन बेचने के बाद रकम का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
सवाल: अगर कोई शख्स कर्जदार है, क्या उस पर भी कुर्बानी वाजिब है?
जवाब: अगर उसके पास कर्ज अदा करने के बाद इतने पैसे बचते हैं जो निसाब के बराबर हैं, तो उस पर कुर्बानी वाजिब है।
सवाल: क्या मय्यत की तरफ से कुर्बानी करना सही है?
जवाब: जिन पर कुर्बानी वाजिब है वह अपनी तरफ से कुर्बानी करें, फिर मय्यत की तरफ से कर सकते हैं।