लखनऊ। किंग जाॅर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की छात्राओं को चिकित्सा विज्ञान के साथ ही अब गर्भ संस्कार की शिक्षा भी दी जाएगी। संस्थान में एमबीबीएस की 250 और बीडीएस की 100 सीटें हैं। गर्भ संस्कार की शिक्षा इनके साथ ही नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की छात्राओं को भी दी जाएगी।
केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. सुधीर सिंह के मुताबिक प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में 16 संस्कारों का वर्णन किया गया है। इनमें से एक संस्कार गर्भ संस्कार भी है। यह माना जाता है कि गर्भ संस्कार से गर्भस्थ शिशु को संस्कारित किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी छात्राओं को गर्भ संस्कार की शिक्षा दी जाएगी। ये संस्कार गर्भाधान से लेकर बच्चे के जन्म तक होते हैं और इनमें कई महत्वपूर्ण क्रियाएं शामिल होती हैं। गर्भ संस्कार में गर्भाधान संस्कार, पुंसवन संस्कार, सीमंतोन्नयन संस्कार, जातकर्म संस्कार और नामकरण संस्कार मुख्य हैं। इनके अलावा, गर्भ संस्कार में गर्भ संवाद, सकारात्मक सोच, स्वस्थ आहार, और अच्छी जीवनशैली जैसे अभ्यास भी शामिल होते हैं। इनके माध्यम से छात्राओं को भविष्य की बेहतर मां के रूप में तैयार किया जाएगा।