दिल्ली की प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए झारखंड से तस्करी कर राजधानी लाई गई लड़कियों से बंधुआ मजदूरी कराने का मामला सामने आया है। ऐसी कुल 4 लड़कियों का पता चला है।
दिल्ली की एनजीओ ने राजाजीपुरम निवासी दवा कारोबारी ओम प्रकाश कक्कड़ के घर से एक लड़की बरामद की है। तीन अन्य लड़कियां कक्कड़ के रिश्तेदारों के घर काम कर रही हैं। आशा ज्योति केंद्र की प्रभारी अर्चना सिंह ने बताया कि यह मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी का मामला है।
दिल्ली की एनजीओ महिला बाल विकलांग वृद्ध समिति की रेनू तूरा ने बताया कि वह लड़कियों के पिता व परिवारीजनों को साथ लेकर आई हैं। उन्होंने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी व स्थानीय पुलिस को सूचना दे दी है।
रेनू का दावा है कि झारखंड की कुल छह लड़कियां लखनऊ में हैं। तीन और लड़कियों का पता चल गया है। बाकी दो किसके घर में काम कर रही हैं, इस बारे में चाइल्ट वेलफेयर कमेटी छानबीन कर रही है।
14 साल पहले हुई थी गायब
रेनू तूरा ने बताया कि बरामद लड़की झारखंड से करीब 14 साल पहले गायब हुई थी। लड़की ने पूछताछ में बताया कि खरीदारी के दौरान उसे बहलाकर दिल्ली ले जाया गया। कुछ साल उसने दिल्ली में लोगों के घरों में काम किया। इसके बाद उसे लखनऊ भेज दिया गया।
लड़कियों को छुड़ाने की कवायद डेढ़ महीने से हो रही थी। शुक्रवार सुबह 4 घंटे की कड़ी मशक्कत व हंगामे के बीच तस्करी कर लाई गई एक लड़की को छुड़ा लिया गया है। एक और को शनिवार की सुबह छुड़ाया जाएगा। इस मामले में केस दर्ज कराया जाएगा।
- अर्चना सिंह, प्रशासनिक अधिकारी, 181 आशा ज्योति केंद्र