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Lucknow News: तीन लाख रुपये में बेचने के लिए चुराई बच्ची, पांच गिरफ्तार

Thu, 16 Jul 2026 02:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
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लखनऊ। चौक में चरक चाैकी के सामने सो रही 18 माह की बच्ची को बेचने के मकसद से 12 जुलाई को कुछ लोग अगवा कर ले गए। उम्र ज्यादा होने की वजह से खरीदार ने बच्ची लेने से मना कर दिया। इस पर आरोपी उसे सड़क पर छोड़कर भाग गए। चौक पुलिस ने अपहरण की एफआईआर दर्ज कर 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की मदद से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों में साई अस्पताल का संचालक भी शामिल है। उसके रिश्तेदार के लिए बच्ची चोरी कराई गई थी। साैदा तीन लाख रुपये में तय हुआ था। अस्पताल संचालक का रिश्तेदार समेत दो आरोपी भागे हुए हैं।
डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि बाराबंकी के फतेहपुर सरदारगंज निवासी छप्पू परिवार के साथ चरक चाैकी के सामने बरामदे में रहते हैं और मजदूरी करते हैं। सोमवार रात वह पत्नी और बच्चों के साथ बरामदे में सोये थे। रात करीब 2:30 बजे उनकी 18 माह की बेटी गायब हो गई। काफी तलाशने के बाद छप्पू ने चौक थाने में सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीमों का गठन किया गया। पुलिस को बच्ची आलमबाग में मवैया मछली मंडी के पास मिली। पुलिस ने बच्ची को परिजनों के हवाले कर दिया।
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सीसीटीवी कैमरे में बच्ची को उठाते दिखे आरोपी
सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार तीन युवक बच्ची को उठाते दिखे थे। सर्विलांस की मदद से बुधवार सुबह मालवीय नगर मोड़ के पास से नाका के नेहरूनगर निवासी मो. सुल्तान, बाजारखाला गुलजारनगर निवासी ऋषभ कश्यप, मो. इरशाद, मछली मंडी निवासी रोहित पासी और काकोरी के मुजफ्फरनगर चौधरीखेड़ा निवासी अस्पताल संचालक श्याम जी यादव को गिरफ्तार किया गया।
मानव तस्करी गिरोह से कनेक्शन तलाश रही पुलिस
बच्ची के अपहरण मामले में पुलिस ने मानव तस्करी गिरोह से तार जुड़े होने की आशंका पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अस्पताल संचालक के रिश्तेदार शेर सिंह और अपहरण में शामिल महेश की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि हरदोई निवासी शेर सिंह को नवजात बच्चे की जरूरत थी। उसने अस्पताल संचालक श्यामजी यादव से इस बारे में बात की। श्यामजी ने मोहम्मद सुल्तान से बच्चे का इंतजाम करने को कहा। सुल्तान ने साथियों के साथ मिलकर 12 जुलाई की रात फुटपाथ पर सो रही बच्ची का अपहरण किया। अपहरण के बाद आरोपियों ने बच्ची की फोटो व्हाट्सऐप पर श्यामजी और शेर सिंह को भेजी थी। बच्ची की उम्र अधिक होने के कारण उन्होंने उसे लेने से मना कर दिया। पुलिस के सक्रिय होते ही आरोपी बच्ची को सड़क पर छोड़कर भाग गए। सुल्तान ने अपने साथियों को 20-20 हजार रुपये देने का वादा किया था।
डीसीपी के अनुसार, श्यामजी यादव और शेर सिंह जीजा-साले हैं। श्यामजी ने जीएनएम का कोर्स किया है पर खुद को डॉक्टर बताता था। वे दोनों पारा के बुद्धेश्वर इलाके में साई अस्पताल चलाते थे, जो करीब एक साल पहले विवाद के कारण बंद हो गया। आरोपी सुल्तान का भी इस अस्पताल में आना-जाना था, जिससे श्यामजी और सुल्तान संपर्क में थे। पुलिस अब इस पूरे मामले में मानव तस्करी के एंगल पर जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने और बच्चे तो चोरी नहीं किए हैं।
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