पूजा का इतना लिखना था कि सोशल मीडिया पर घमासान मच गया। लोग ट्वीट कर उन्हें आड़े हाथों लेने लगे। कोई उन्हें कट्टरपंथी कहने लगा तो कोई मनोचिकित्सक के पास जाने की सलाह देने लगा। यही नहीं, कई ने पूजा को अपशब्द भी लिखे।
हालांकि, एयरटेल ने इसके जवाब में लिखा कि हम अपने कस्टमर्स और कर्मचारियों के साथ जाति-धर्म के नाम पर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करते। कॉल के समय जो भी प्रतिनिधि उपलब्ध होता है, उसे ही तत्काल मौके पर भेजा जाता है।
सोशल साइट पर विवाद बढ़ता देख पूजा ने फिर ट्वीट किया कि मेरा पिछला अनुभव बहुत बुरा था इसीलिए मैंने मुस्लिम प्रतिनिधि न भेजने की बात कही थी। लेकिन, इसके बाद जिस तरह से लोग मुझे अपशब्द कह रहे हैं, इसका बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था। इससे ये जरूर साबित हो गया कि मैं पहले सही थी।