होश आया तो पता चला कि सीतापुर में हाईवे किनारे पड़ी थी। छात्रा से उसके परिवारीजनों का नंबर मालूम करके फोन करने के साथ गोसाईंगंज पुलिस को सूचना दी गई।
छात्रा ने कहा कि वैन में 8-10 छात्र-छात्राएं थीं। सभी को बंधक बनाकर रखा गया था। उनके हाथों में वीगो लगा था। गोर्साइंगंज के कोतवाल विद्यासागर पाल ने बताया कि छात्रा दो विषय में फेल होने से परेशान छात्रा को घर पर डांट का डर था।
इसके चलते उसने अपहरण की कहानी गढ़ डाली। छात्रा द्वारा जिस स्थान से अपहरण का बयान दिया वहां के लोगों से तहकीकात में पुष्टि नहीं हुई। टेंपो चालकों से भी पूछताछ में अपहरण की बात झूठी साबित हुई। पता लगाया जाएगा कि छात्रा सीतापुर तक किस साधन से पहुंची थी।