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आदमखोर कुत्तों के हमले में एक और बच्ची घायल, गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर रेफर

Thu, 10 May 2018 12:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लाठी डंडा लेकर मुस्तैद लोग। - फोटो : amar ujala
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सीतापुर में आदमखोर कुत्तों का आतंक जारी है। गुरुवार को खैराबाद के भगौतीपुर गांव में कुत्तों के झुंड ने एक बच्ची पर हमला कर उसे घायल कर दिया। उसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
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भगौतीपुर गांव निवासी अशोक की 10 वर्षीय बेटी संगीता अपनी दादी के साथ सुबह सात बजे के करीब खेत गई थी। इसी दौरान अचानक कुत्तों के झुंड ने बच्ची पर हमला बोल दिया। दादी के शोर मचाने पर लोग लाठी-डंडा लेकर दौड़े। किसी तरह संगीता को कुत्तों के चंगुल से बचाया गया लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी।

परिवारीजन तत्काल संगीता को लेकर जिला अस्पताल सीतापुर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।

इससे पहले बुधवार शाम मछरेहटा थाना इलाके में गुरैनी निवासी अभिषेक (9) को कुत्तों ने घायल कर दिया था। वह अपने दादा शिवनरायन के साथ खेत गया था। शिवनरायन खेत में सिंचाई में व्यस्त थे तभी कुत्तों के झुंड ने अभिषेक पर हमला कर दिया। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
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मालूम हो कि आदमखोर कुत्तों के हमले में अब तक 12 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। विशेषज्ञों की टीम इन्हें पकड़ने में लगी है, फिर भी हमले जारी हैं।
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कुत्तों का डीएनए सैंपल लिया

पड़ताल करते लखनऊ व बरेली के एक्सपर्ट। - फोटो : amar ujala
बरेली व लखनऊ से विशेषज्ञों की टीम खैराबाद में जांच-पड़ताल कर रही हैं। बुधवार को टीम ने घटनास्थल देखे, पकड़े गए कुत्तों का डीएनए सैंपल लिया और पीड़ित परिवारों से पूछताछ भी की। टीम का कहना है कि ये कुत्ते हैं, या जंगली जानवर हैं या फिर कोई नई नस्ल, इस संबंध में शोध चल रहा है। जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। हालांकि टीमें अभी तक हुए हमलों को कुत्ते के हमले ही मानकर चल रही हैं।

बरेली से आए पशु वैज्ञानिकों ने बताया कि जो कुत्ते पकड़े गए हैं, ये संदेह के आधार पर पकड़े गए हैं। जरूरी नहीं के ये वही कुत्ते हों, जिन्होंने बच्चों पर हमला किया और मार डाला। इन कुत्तों का सैंपल तो लिया गया है, अगर ये कुत्ते उस झुंड के नहीं हैं, तो जांच प्रक्रिया में साधारण ही नस्ल निकलेगी, इससे जांच पुख्ता नहीं हो सकेगी। इंतजार किया जा रहा है, कि ऐसे कुत्तों का सैंपल मिल जाए, जिन्होंने बच्चों पर हमला किया हो। उन कुत्तों के सैंपल मिलने के बाद ही डीएनए टेस्ट हो सकेगा और उनकी प्रजाति का पता चल सकेगा।

जंगली कुत्तों पर संशय, लेकिन वह प्रजाति आई कहां से
टीम के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह भी हो सकता है कि आबादी में जंगली कुत्ते आ गए। जिसके बाद उन्हीं कुत्तों ने बच्चों पर हमला बोला। लेकिन वैज्ञानिकों के दावों को अगर सही माना जाए तो यह जांच का विषय है कि आखिर इस जिले में इतने बड़े जंगल हैं ही नहीं जिसमें जंगली कुत्ते मौजूद हों। ऐसे में ये कुत्ते कहां से आ गए, इस बात की भी जांच करने की जरूरत पड़ेगी।
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