कानपुर के गोविंदनगर कैनाल कालोनी में मोना (20) ने देर शाम पड़ोसी की छत पर जाकर खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। मोना की चीख पुकार सुनकर घर के नीचे स्थित अपनी किराने की दुकान पर बैठे पिता हरीश छत की ओर भागे तो सीढि़यों का दरवाजा बंद देखकर वे चीख पड़े।
मोना ने अपनी छत से सटी हुई पड़ोसी राकेश शंकर की छत पर जाकर खुद को आग के हवाले किया था। उनकी छत का दरवाजा भी उसने बंद कर रखा था। ऐसे में आस पड़ोस के लोगों ने छत से ही मोना पर पानी और रजाई फेंकना शुरू किया।
इस बीच मोहल्ले के ही कुछ युवक तीन चार छतें फांदकर किसी तरह रामशंकर की छत तक पहुंचे और मोना को आग से बचाने की कोशिश की। हालांकि तब तक मोना बुरी तरह से झुलस चुकी थी।