कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज की सोच के कारण आज भी बेटियां अत्याचार की शिकार हो रही हैं। शिक्षा से ही बेटियों को स्वावलंबी बनाया जा सकता है। उनकी सरकार बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ योजना के साथ समाज में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
सीएम बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर एक निजी संस्था की ओर से इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बेटियों के जन्म पर उन्हें मार देने की सोच को गंभीर बताया। उन्होंने पिछले दिनों मीडिया में आई हाथरस की एक घटना का जिक्र किया। कहा कि दादी ने बेटी को सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि घर में तीसरी बार लड़की पैदा हुई। यह घटना समाज के लिए चिंताजनक है। हम आखिर किस सोच वाले समाज में रहते हैं। यह सोचने का विषय है कि हम समाज को कैसा माहौल दे रहे हैं?
उन्होंने कहा, प्रदेश सरकार इस माहौल को बदलने के प्रयास में है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में लड़कियों को पूरी सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ सशक्त किया जा रहा है। यूपी में स्नातक तक लड़कियों की पढ़ाई को अहिल्याबाई बालिका शिक्षा योजना में मुफ्त किया गया है। महिला सुरक्षा के लिए महिला कल्याण विभाग ने सभी 75 जिलों में रेस्क्यू वैन शुरू की हैं।
शिक्षा के जरिए ही स्वावलंबी, सशक्त व आत्मनिर्भर बन सकती हैं बेटियां
उन्होंने कहा केन्द्र सरकार की बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ योजना को अब तक प्रदेश में लागू नहीं किया गया था। उनकी सरकार ने आते ही इसे लागू किया है। योजना के जरिए बेटियों को समाज की मुख्य धारा में लाकर आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, शिक्षा के जरिए ही बेटियों को स्वावलंबी, सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी बनाया जा सकता है। बेटियों में भी किसी से कम क्षमता नहीं है। इसका अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि यूपी बोर्ड की हाई स्कूल और इंटर के टॉपर्स 147 बच्चों में 99 बेटियां रही हैं।
उन्होंने कहा, प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में 1.53 करोड़ विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें, यूनिफॉर्म व जूते मोजे बांटे हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में 6 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, उनमें से करीब आधी महिलाएं हैं।
61,700 महिला स्वयं सहायता समूह गठित कर उन्हें स्वरोजगार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे करीब 30 लाख परिवारों को फायदा होगा। सीधे तौर पर छह लाख से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा।
ग्रामीण इलाकों में अब भी लड़कियों को पढ़ाई नहीं
रीता बहुगुणा जोशी व योगी आदित्यनाथ।
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महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने भी बालिका शिक्षा पर जोर दिया। कहा कि आज भी ग्रामीण अंचलों में उच्च शिक्षण संस्थानों के अभाव में बेटियां आगे पढ़ाई नहीं कर पातीं।
योगी सरकार ने बेटियों की शिक्षा और उत्थान की कई योजनाएं शुरू की हैं। गरीब का बच्चा भी प्रतिभावान होता है। मुख्यमंत्री स्वयं एक साधारण परिवार से हैं।
अपने स्कूली दिनों में उन्होंने जो परेशानी महसूस की वह आने वाली पीढ़ी को न हो, इसलिए उन्होंने किताबें, यूनिफॉर्म, जूते मोजे, बैग और स्वेटर तक निशुल्क देने का निर्णय किया है।